प्रदेश में पांच जून से जाट आरक्षण आंदोलन की दोबारा आहट से पुलिस और प्रशासन बेहद सतर्क है और सोनीपत के बाद सोमवार को जींद में भी अगले दो माह के लिए धारा 144 लगा दी गई। सुरक्षा बलों ने सोमवार को रोहतक और भिवानी में प्रमुख मार्गों पर फ्लैग मार्च निकाला।
उधर सोनीपत में दो और कंपनियां पहुंची चुकी है। इनके सहित अब वहां अर्द्धसैनिक बलों की पांच कंपनियां तैनात हो चुकी हैं। रोहतक, हिसार, कैथल, भिवानी, जींद और झज्जर में भी पैरामिलीट्री फोर्स की कंपनियां मोर्चा संभाले हुए हैं और नाकों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। रोहतक, जींद, सोनीपत में उपद्रवियों की निशानदेही की जा रही है।
जींद में प्रशासन ने फरवरी माह में जिले में हुई हिंसक घटनाओं व भड़काऊ भाषण देने के आरोप में 29 लोगों को नोटिस जारी किए हैं, वहीं रोहतक पुलिस आंदोलन की अगुवाई करने वालों और असामाजिक तत्वों को नोटिस भेजने की तैयारी कर रही है, ताकि आंदोलन होने पर किसी भी तरह के नुकसान की भरपाई इनसे की जा सके।
रोहतक शहर में दो बार फ्लैग मार्च निकाला गया। पहला फ्लैग मार्च एएसपी हिमांशु गर्ग के नेतृत्व में निकाला गया तो दूसरा फ्लैग डीएसपी वीर सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों इलाकों से निकाला गया। शहर में अवांछित तत्वों का प्रवेश रोकने के लिए बीएसएफ ने नौ जगहों पर नाकेबंदी की है।
संभावित आंदोलन से निपटने की रणनीति बनाने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन ने कई बार बैठक की। एसपी शशांक आनंद का कहना है कि जिलेवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है और हिंसा करने की कोशिश करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा। कैथल में डीसी ने प्रशसनिक अधिकारियों के साथ जिले में हालात को लेकर समीक्षा की, वहीं एसपी सुमित कुमार ने भी सेना के अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा संबंधी उपायों पर विचार-विमर्श किया।