हरियाणा सरकार पहले की गलतियों से सबक लेते हुए पांच जून के संभावित जाट आंदोलन से निपटने की तैयारी में जुट गई है। जो गलतियां पिछली बार हुईं, वे इस बार न हों, इसके लिए ताना-बाना बुना जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर एक पर मुख्य फोकस रहेगा। यह राजमार्ग किसी कीमत पर जाम नहीं होने दिया जाएगा।
मुनक नहर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। रेल ट्रैक के लिए पुलिस संबंधित विभागों के साथ रणनीति तैयार कर रही है। इसके अलावा लोगों की संपत्ति पर ध्यान रखा जाएगा। पुलिस प्रमुख और गृह विभाग ने आवश्यक निर्देश दिए हैं। उधर, हरियाणा सरकार ने 10 कंपनियों के अलावा केंद्र से अतिरिक्त पुलिस बल की रिजर्व टुकड़ियां मांगी हैं।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से जाट आरक्षण पर अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद जाट समुदाय फिर से लामबंद हो रहा है। सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों के साथ-साथ पुलिस महानिदेशक, गृहसचिव और अन्य अधिकारियों ने दिनभर जाट आंदोलन से निपटने पर मंथन किया। इस रणनीति के बारे में सेना के अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है। सोमवार को सेना के जवानों ने राज्य के संवेदनशील जिलों में फ्लैग मार्च किया और पुलिस प्रशासन के साथ रणनीति पर मंथन किया।