दो लाख रुपये की रिश्वतखोरी के मामले में आरोपी मनीमाजरा थाने की पूर्व एसएचओ जसविंदर कौर और सब इंस्पेक्टर मान सिंह के केस में नया मोड़ आ गया है। सोमवार को सीबीआई के गवाह व शिकायतकर्ता ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर पुलिस अधिकारियों पर दबाव बनाने का आरोप लगाया। शिकायतकर्ता ने कहा है कि पुलिस आरोपियों को बचाने के लिए उस पर दबाव बना रही है।
हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन और डीजीपी को इस संबंध में नोटिस जारी कर जवाब-तलब कर लिया है। सीबीआई के गवाह व शिकायतकर्ता प्रेम सिंह बिष्ट ने हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका में कहा कि उसके खिलाफ चंडीगढ़ पुलिस ने एनडीपीएस व आर्म्स एक्ट के तहत 19 जून को सेक्टर-39 पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया था।
याचिकाकर्ता मनीमाजरा थाना की पूर्व एसएचओ जसविंदर कौर व सब इंस्पेक्टर मान सिंह रिश्वत मामले में सीबीआई का गवाह व शिकायतकर्ता है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि चंडीगढ़ पुलिस के आला पुलिस अधिकारी आरोपियों को बचाने में लगे हैं और उस पर दबाव बना रहे हैं। उसे पहले भी धमकी मिली थी कि उसे झूठे एनडीपीएस केस में फंसाया जा सकता है।
उसके खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर बदले की भावना से प्रेरित है। याची ने इस मामले की एफआईआर की सीबीआई से जांच करवाने की मांग की है। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए चंडीगढ़ की डीजीपी को आदेश दिया है कि वो अगली सुनवाई पर इस मामले में हलफनामा दायर कर पक्ष स्पष्ट करें।