फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणा विधानसभा चुनाव: भाजपा को झटका! जजपा ने पकड़ी अलग राह, अकेले दम पर लड़ेगी चुनाव

Mon, 20 Nov 2023 12:06 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

राजस्थान में भाजपा के साथ गठबंधन नहीं होने के चलते जजपा ने अकेले ही अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे। ऐसे में ये साफ हो गया है कि हरियाणा में भी अब जजपा और भाजपा अकेले ही मैदान में उतरेंगे। इसको लेकर जजपा ने नया पोस्टर जारी कर दिया है।
विज्ञापन
जननायक जनता पार्टी का प्रदेश कार्यालय। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा में भाजपा-जजपा गठबंधन टूटने की अटकलों के बीच अब जननायक जनता पार्टी (जजपा) ने साफ कर दिया है कि वह विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी। विधानसभा चुनाव को लेकर जजपा ने नया पोस्टर भी लॉन्च कर दिया है। पोस्टर में लिखा है कि अबकी बार हरियाणा की पुकार, देवीलाल के सपनों की सरकार।

विज्ञापन


इससे पहले प्रदेश में भाजपा के हरियाणा प्रभारी और अन्य नेताओं द्वारा भी जजपा को लेकर तल्ख बयान दिए जा चुके हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री मनोहर लाल और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ कहते हैं कि यह चुनावी गठबंधन नहीं है, बल्कि सरकार चलाने के लिए गठबंधन है। वहीं, भाजपा के ही नेता चौधरी बीरेंद्र सिंह भी लगातार जजपा को लेकर तीखे बयान देते रहे हैं। 

राजस्थान में भाजपा के साथ गठबंधन नहीं होने के चलते जजपा ने अकेले ही अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे। ऐसे में ये साफ हो गया है कि हरियाणा में भी अब जजपा और भाजपा अकेले ही मैदान में उतरेंगे। इसको लेकर जजपा ने नया पोस्टर जारी कर दिया है। पोस्टर में ताऊ देवीलाल, डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला और डॉ. भीमराव आंबेडकर के फोटो हैं और लिखा है कि इस बार हरियाणा में देवीलाल के सपनों की सरकार।
विज्ञापन


हालांकि, इससे पहले भी डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला कई बार यह बात कह चुके हैं कि अगर उनकी बहुमत की सरकार होती तो वह पेंशन 5100 रुपये कर देते। अपनी सरकार नहीं होने का दर्द कई बार डॉ. अजय सिंह चौटाला भी कार्यकर्ताओं के साथ साझा कर चुके हैं। बता दें कि राजस्थान विधानसभा चुनाव में जजपा को भाजपा के साथ गठबंधन की आस थी लेकिन बात नहीं बनी। आखिरकार जजपा ने अपने चुनाव चिह्न पर प्रत्याशी मैदान में उतारे। इसके बाद से हरियाणा में भी चुनावी गठबंधन की आस टूट गई थी।

लोकसभा से अधिक विधानसभा पर जोर

पहले लोकसभा चुनाव होने हैं और इसके बाद विधानसभा चुनाव होंगे लेकिन जजपा नेताओं का अधिक फोकस लोकसभा के बजाय विधानसभा चुनाव पर है। जजपा ने नए सिरे से अपने संगठन को खड़ा करके हलका अध्यक्षों तक की नियुक्त की है और संगठन की मजबूती के लिए गांव-गांव ड्यूटी लगाई है। इसके अलावा, जजपा हलका स्तर पर भी रैलियां करके अपनी ताकत का अहसास करा रही है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें