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हाईप्रोफाइल जम्मू सेक्स स्कैंडल मामले में फैसला 30 मई को, नामी हस्तियां आरोपी हैं

Thu, 24 May 2018 10:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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sex racket
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12 साल पुराने और बहुचर्चित जम्मू सेक्स स्कैंडल मामले में सीबीआई की विशेष अदालत 30 मई को फैसला सुनाएगी, नामी हस्तियां आरोपी हैं। बचाव पक्ष की ओर से पीड़िता के फिर से बयान कराने संबंधी याचिका के बाद पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगा दी थी। लेकिन, कुछ दिनों पहले हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा फैसला सुनाए जाने पर लगी रोक हटा दी है। सीबीआई के सरकारी वकील ने हाईकोर्ट के इस आदेश की कॉपी विशेष अदालत में सौंप दी है।
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इस पर विशेष अदालत ने मामले में फैसला सुनाने के लिए 30 मई की तारीख तय की है। संबंधित मामला अप्रैल 2006 में जम्मू एवं कश्मीर में एक पोर्न एमएमएस फैलने से चर्चा में आया था। सबीना नामक महिला पर लड़कियों को हाईप्रोफाइल लोगों को देह व्यापार के लिए सप्लाई करने का आरोप था। इस काम में उसके पति अब्दुल हामिद पर भी आरोप लगा था। हाईकोर्ट के आदेश पर मामले की जांच 2006 में सीबीआई को सौंप दी गई थी।

मामले में जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मंत्री गुलाम अहमद हसन मीर, स्वतंत्र विधायक रहे रमन मट्टू, बीएसएफ डीआईजी केसी पांधी, पूर्व एडिशनल एडवोकेट जनरल अनिल सेठी, तत्कालीन डीएसपी श्रीनगर मोहम्मद मीर यूसुफ, इकबाल खांडे, होटल मालिक रियाज अहमद कावा, हिलाल अहमद शाह, अबसार अहमद डार और एजाज अहमद भट्ट समेत सबीना और उसका पति अब्दुल हामिद आरोपी बनाए गए थे।
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डीएसपी मीर और होटल मालिक कावा हो चुके हैं बरी  
सीबीआई की विशेष अदालत ने 20 फरवरी 2018 को मुख्य केस के साथ-साथ चल रहे इसी केस के अन्य मामलों में से एक मामले में आरोपी और तत्कालीन डीएसपी मोहम्मद मीर यूसुफ को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। मोहम्मद मीर यूसुफ के खिलाफ सीबीआई ने जुलाई 2006 में आरपीसी 376 और अनैतिक तस्करी अधिनियम की रोकथाम की धारा 3, 4, 5 और आईटी एक्ट 67 के तहत केस दर्ज किया था। मीर पर मुख्य आरोपी सबीना और उसके पति द्वारा चलाए जा रहे सेक्स रैकेट की एक नाबालिग लड़की के यौन शोषण का आरोप लगा था।

ट्रायल के दौरान पीड़िता के बयान से मुकरने के बाद अदालत ने मीर यूूसुफ को बरी कर दिया था। वहीं, पिछले साल आरोपी होटल मालिक रियाज अहमद कावा को भी अदालत सबूतों के अभाव में बरी कर चुकी है। होटल मालिक रियाज पर होटल में देह व्यापार कराने का आरोप था। सीबीआई ने उसके खिलाफ अनैतिक तस्करी अधिनियम की रोकथाम के धारा 3 के तहत केस दर्ज किया था। वहीं मामले में कुछ आरोपी पहले ही सबूतों के अभाव और पीड़िता के बयानों से मुकरने पर बरी हो चुके हैं।

उमर अब्दुल्ला का नाम भी था चार्जशीट में
मामले में जम्मू और कश्मीर के तत्कालीन मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का नाम भी सीबीआई की चार्जशीट में सामने आया था। हालांकि उनके सीएम होने के कारण उनका नाम जुलाई 2009 में केस से हटा दिया गया था।
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यह लोग हो चुके हैं सप्लीमेंटरी केस में बरी
- जम्मू और कश्मीर के पूर्व डीएसपी मोहम्मद यूसुफ मीर
- इंपीरियल होटल का मालिक रियाज अहमद कावा
- पूर्व मुख्य सचिव मोहम्मद इकबाल खांडे
- पूर्व मंत्री रमन मट्टू
- पुलिस अधिकारी अबसार अहमद डार
- हिलाल अहमद शाह और गुलाम अहमद मीर
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