दिवाली नजदीक आते ही शहर में जाम की स्थिति बनने लगी है। न तो बाजारों में पार्किंग की जगह मिल रही है और न ही सड़कों पर वाहनों को चलने के लिए। सड़कों पर लग रहे जाम ने ट्रैफिक पुलिस के प्लान को फेल कर दिया है।
प्लान के तहत प्रमुख लाइटों और सड़कों पर पुलिस ने ज्यादा से ज्यादा कर्मचारी तैनात किए हैं लेकिन, इन कर्मचारियों के होते हुए भी जाम से निजात नहीं मिल रही। मंगलवार को सेक्टर-17 बस स्टैंड के सामने दोपहर को आवाजाही बाधित हुई।
ऐसा ही हाल उद्योग पथ और सेक्टर-34 और 35 की सड़कों पर रहा। शाम के सेक्टर-35, 22 और 17 की सभी सड़कों पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। बुधवार से शहर में और भी अधिक जाम लगेगा क्योंकि लोग खरीदारी के लिए बाजारों में जाएंगे।
बाजारों के प्रवेश द्वारों पर लग रहा जाम
फासवेक अध्यक्ष पीसी सांघी का कहना है कि बाजारों के प्रवेश द्वारों पर वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। पार्किंग तक पहुंचने और वहां से वाहन को निकालने में आधा घंटा लग जाता है।
व्यापारी घर से न लेकर आएं वाहन
बिजिनेस काउंसिल के अध्यक्ष जगदीश अरोड़ा का कहना है कि शहर में वाहनों की संख्या काफी बढ़ गई है। उनका कहना है कि शहर के व्यापारियों को दिवाली तक अपने वाहन बाजार में नहीं लाने चाहिए। सेक्टर-17 में 500 दुकानदार हैं। अगर उनको परिवार का कोई सदस्य छोड़ जाए तो बाजार की पार्किंग में 500 वाहनों की जगह खाली हो जाएगी।
लाइटों की टाइमिंग बढ़ाने की मांग
व्यापार मंडल के अध्यक्ष चरणजीव सिंह का कहना है कि पुलिस को लाइटों की टाइमिंग में कुछ इजाफा करना चाहिए या फिर पुलिस कर्मचारी को खुद सड़क पर वाहनों की कतार देखकर मोर्चा संभालना चाहिए। कई बार ऐसा होता है कि किसी सड़क पर लंबी कतार होती है तो दूसरी सड़क पर बहुत कम वाहन।