गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई व जग्गू भगवानपुरिया।
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पंजाब के गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया ने अपनी जान को खतरा जताया है। उसने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की शरण ली है। याचिका पर हाईकोर्ट ने एडीजी (जेल) को याचिकाकर्ता की मांग पर 10 दिन में निर्णय लेने का आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए जगदीप सिंह उर्फ जग्गू भगवानपुरिया ने लॉरेंस बिश्नोई, दिलप्रीत बावा, नीता देओल, गुरप्रीत सेखों और अन्य गैंगस्टरों से जान का खतरा होने का दावा किया है। याची ने कहा कि खतरा केवल गिरोह के नेताओं से नही नहीं बल्कि उनके समर्थकों और उनसे सहानुभूति रखने वालों से भी है क्योंकि वे याची को खत्म करने की साजिश रच रहे हैं। अगर उसे बठिंडा जेल में स्थानांतरित किया गया तो वहां मौजूद गैंगस्टर उसकी जान के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकते हैं।
याची ने इस संबंध में 21 सितंबर को जेल अधिकारियों को मांग पत्र भी सौंपा था लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। भगवानपुरिया के वकील आर कातिर्कय ने बेंच को बताया कि यह पहली बार नहीं है कि उन्होंने इस तरह के खतरे की ओर इशारा किया हो। ऐसे कई उदाहरण हैं जिन्होंने याची की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
वह पहले पटियाला जेल में बंद था और दिलप्रीत बावा समूह से जुड़े कुछ गैंगस्टरों के निशाने पर था। पहले वह कई अन्य गैंगस्टरों के साथ बठिंडा की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद था। इस बीच फरवरी 2023 के अंतिम सप्ताह में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े कुछ कैदियों ने जेल के कुछ कैदियों पर यह आरोप लगाते हुए हमला किया कि वे याचिकाकर्ता के गिरोह के सदस्य थे।
उन्होंने अपनी याचिका में यह भी उल्लेख किया है कि एक अन्य गैंगस्टर गोल्डी बराड़, जो विदेश में सक्रिय है, ने दावा किया था कि हमले उसके कहने पर किए गए थे। हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए एडीजी (जेल) को जग्गू भगवानपुरिया की बठिंडा जेल के अलावा पंजाब की किसी भी केंद्रीय जेल में स्थानांतरित करने की मांग पर 10 दिन में निर्णय लेने को कहा है।