खुफिया इनपुट मिला है कि जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार आईएसआई का अगला टारगेट थे। इसके चलते डीजीपी और आईबी ने बड़ा कदम उठाया है। पता चला है कि दोनों को खत्म करने के लिए खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) के चीफ हरमिंदर सिंह मिंटू को आदेश मिल चुके थे। इस टारगेट किलिंग को पूरा करने के लिए योजना तैयार की जा रही थी। शार्प शूटर शेरा और रमनजीत सिंह से भी संपर्क किया गया था।
यह जानकारी मिलने के बाद दोनों की सुरक्षा रिव्यू करने के लिए डीजीपी सुरेश अरोड़ा और आईबी ने केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। सूबे में लगातार हत्याओं में सफल होने के बाद जेल में बंद मिंटू के हौसले काफी बढ़ चुके थे। पाक की खुफिया एजेंसियों के अलावा यूके और इटली में बैठे खालिस्तानी समर्थक पंजाब में किसी तरह से आतंकवाद को दोबारा पनपता देखना चाहते थे। नाभा जेल ब्रेक में गिरफ्तार होने के बाद भी मिंटू का नेटवर्क सूबे में पूरी तरह से फैल चुका था।
उसने जेल में बैठकर इटली में अपनी टीम के जरिये आरएसएस नेता गगनेजा की हत्या करवाई और बाकी हत्याओं को भी अंजाम दिया। आईबी के भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को अपने सपने साकार होते दिखने लगे थे। क्योंकि एक भी केस में पुलिस या सीबीआई के हाथ शार्प शूटर शेरा और रमनजीत तक नहीं पहुंच पा रहे थे। ऐसे में आईएसआई और खालिस्तान लिबरेशन फोर्स की ओर से बड़ी वारदात करने की तैयारी की जा रही थी।
इसके तहत उनका टारगेट जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार थे। मिंटू को लग रहा था कि वह दोनों की हत्या करवाकर आईएसआई और अपने आतंकी संगठन के आकाओं को खुश भी कर सकेगा।
मिंटू ने नीटा से हाथ मिलाकर कई आतंकी किए तैयार
हरमिंदर सिंह मिंटू
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हरमिंदर मिंटू गांव धल्ली थाना भोगपुर का रहने वाला है। उसने कई साल तक जिले में लोगों को विदेश भेजने का काम कर चुका है। हरमिंदर 2002 में मलेशिया गया, जहां पर वह खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (केजेडएफ) के चीफ रणजीत सिंह नीटा से मिला। मिंटू ने केएलएफ का नेटवर्क बढ़ाने के लिए नीटा से हाथ मिलाकर कई आतंकी तैयार किए।
इससे पहले मिंटू बब्बर खालसा इंटरनेशनल के लिए कई आतंकी गतिविधियों में शामिल था। उसने आतंकी नीटा के लिए दलबीर सिंह, अमरजीत सिंह मोहाली जैसे कई बड़े आतंकी तैयार किए। मिंटू खुद आतंकी गतिविधियां आगे बढ़ाने के लिए मलयेशिया, थाईलैंड और पाक में गया। पाक में बब्बर खालसा इंटरनेशनल के चीफ वधावा सिंह के माध्यम से वह आईएसआई के संपर्क में रहा।
पाक खुफिया एजेंसी ने दी थी कमांडो ट्रेनिंग
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ने मिंटू को कमांडो जैसी ट्रेनिंग देकर पंजाब में तबाही करने का काम सौंपा था। मिंटू ने ही यूरोप में बैठी अपनी टीम के जरिये आरएसएस के राष्ट्रीय सिख संगठन प्रधान रूलदा सिंह की हत्या करवाई। उस समय मिंटू मलयेशिया में था और वहीं से बैठकर उसने पटियाला में रूलदा सिंह की हत्या की योजना को अंजाम दिया।
पुलिस से बचने के लिए वह मलेशिया से इटली चला गया। यहां वह इंग्लैंड में रहने वाले केएलएफ के लिए काम कर चुके आतंकी अंग्रेज सिंह से मिला। इसके बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर उसे सुरक्षा एजेंसियों ने हिरासत में ले लिया। नवंबर 2015 से नाभा की जेल में बंद मिंटू चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल में बंद बब्बर खालसा के आतंकी जगतार सिंह हवारा के संपर्क में भी आ चुका था।