पंजाब में लड़कियों के लिए जल्द इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (आईटीआई) खुलेंगे। मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने मंजूर कर लिया है। यह फैसला केंद्रीय महिला व बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने वीरवार सुबह कपूरथला हाउस में बादल के साथ बैठक के दौरान लिया।
केंद्रीय मंत्री ने बादल से कहा कि वे राज्य भर में लड़कियों के लिए आईटीआई खोलने को डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट भेजें, ताकि लड़कियों को स्व-रोजगार के काबिल बनाया जा सके। गांधी ने कहा कि राज्य के हर जिले में वन-स्टॉप-क्राइसिस-सेंटर की स्थापना के लिए उन्हें प्रोजेक्ट रिपोर्ट भेजी जाए।
जिससे अपराधों के मामलों में महिलाओं को जल्द सहायता मिल सकेगी। इन सेंटरों की स्थापना के लिए सिर्फ 250-300 वर्ग गज जगह की जरूरत होती है।
इसका सारा खर्च केंद्र सरकार उठाएगी। बादल ने आंगनबाड़ी वर्करों व हेल्परों का भत्ता बढ़ाने की मांग रखी। साथ ही इनके लिए 60 साल की सेवामुक्ति आय के लिए भत्ते का कम से कम दस फीसदी मासिक योगदान वाली कॉन्ट्रीब्यूशन पेंशन स्कीम शुरू करने की भी वकालत की।
बादल ने आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण केलिए आर्थिक सहायता मांगी। सीएम ने बताया कि राज्य में करीब 25 हजार आंगनबाड़ी केंद्र किराए या पंचायतों की इमारतों में चल रहे हैं। उन्होंने हेल्परों के लिए अधिकतम आयु सीमा कम करने और अनुभव की शर्त खत्म करने को कहा।