चंडीगढ़। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज के इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग में तीन दिवसीय वूमेन इन ऑप्टिक्स एंड फोटॉनिक्स इन इंडिया (वोपी) 2025 के चौथे वार्षिक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। यह आयोजन एसपीआईई के सहयोग से किया जा रहा है। उद्घाटन समारोह में फ्यूचरिस्टिक टेक्नोलॉजी ऐंड मैनेजमेंट निदेशक डीआरडीओ डॉ. रंजना नल्लामल्ली मुख्य अतिथि थीं। बीईएल पंचकूला महाप्रबंधक डॉ. दीपा बाजपेयी विशिष्ट अतिथि रहीं।
मुख्य अतिथि डॉ. रंजना नल्लामल्ली ने कहा कि शोध प्रोजेक्ट्स को सिर्फ शैक्षणिक काम की तरह नहीं, बल्कि उद्योग के लिए तैयार उत्पाद के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने प्रतिभागियों से अपील की कि वह रक्षा क्षेत्र और राष्ट्रीय विकास के लिए नई तकनीकें और नए समाधान तैयार करें। भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए सिस्टम इंजीनियरिंग, कोर टेक्नोलॉजी और डीप-टेक क्षमताओं को विकसित करना बेहद जरूरी है। इसके लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) का समर्थन जरूरी है, ताकि देश में ही नई और मजबूत तकनीकें विकसित की जा सकें।
सम्मेलन में देश-विदेश से 300 से अधिक महिला प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है। इसमें व्याख्यान और पैनल चर्चाएं होंगी, जिनमें विदेशों समेत आईआईटी, एनआईटी, इसरो, डीआरडीओ और सीएसआईओ–सीएसआईआर के विशेषज्ञ भाग लेंगे। पद्मश्री डॉ. विजयलक्ष्मी देशमाने भी शिरकत करेंगी। पोस्टर और शोध प्रस्तुति सत्र भी होंगे।
पेक निदेशक प्रो. राजेश कुमार भाटिया ने नारी शक्ति की प्रशंसा की और पूर्व छात्रा कल्पना चावला को स्मरण किया। आयोजन अध्यक्ष डॉ. अनीता महादेवन ने साथ मिलकर आगे बढ़ने, सीखने और एक-दूसरे को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया।