पंजाब की 16वीं विधानसभा के तीसरे विशेष सत्र में लावारिस कुत्तों की समस्या का मसला भी उठा। विधायक डॉ. सुखविंदर कुमार सुक्खी ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान यह मसला सदन के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि यह बहुत गंभीर समस्या बनती जा रही है और सदन को इस तरफ विशेष ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सूबे में हर रोज करीब 250 मामले लावारिस कुत्तों के काटने के रिपोर्ट हो रहे हैं। इनके अलावा कई तो ऐसे हैं, जो अस्पतालों तक नहीं पहुंचते। एक सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार हर साल विश्व में 60,000 लोग कुत्तों के काटने से मौत का शिकार होते हैं। पंजाब में यह समस्या बढ़ती जा रही है।
विधायक ने सभी कुत्तों को एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि 2030 तक लावारिस कुत्तों की समस्या से निजात मिलने के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए गंभीर प्रयास करने होंगे। इस पर मंत्री इंदरबीर सिंह निज्जर ने कहा कि सरकार इस समस्या के प्रति गंभीर है।
नियमानुसार कुत्तों को मारा नहीं जा सकता है। सरकार ने इनकी नसबंदी के लिए लुधियाना, अमृतसर, जीरकपुर और मोगा में केंद्र स्थापित किए हैं। इस साल 1.20 लाख लावारिस कुत्तों की वैक्सीनेशन की गई है। मंत्री ने कहा कि वह व्यक्तिगत तौर पर भी इस समस्या को लेकर गंभीर हैं, क्योंकि उनके फूफड़ की मौत भी लावारिस कुत्ते के काटने से हुई थी।