पूर्व डीजीपी (जेल) शशिकांत के सनसनीखेज खुलासे के बाद ड्रग्स का मुद्दा फिर गरमा गया है। शशिकांत के खुलासे पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा है।
मामले की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज या सीबीआई से कराने की मांग की है। साथ ही 2007 में ईडी और एनसीबी द्वारा कैबिनेट मंत्री गुलजार सिंह रणीके के घर छापामारी रोकने के लिए सीएम प्रकाश सिंह बादल का इस्तीफा मांगा है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुखपाल खैहरा ने कहा कि शशिकांत ने ड्रग्स की तस्करी में मंत्रियों समेत छह ताकतवर सियासतदानों का नाम लिया है। इसके बाद पंजाब सरकार के पास तत्कालीन इंटेलिजेंस प्रमुख शशिकांत द्वारा तैयार डोजियर का खुलासा न करने का कोई कारण नहीं रह जाता।
इसके साथ ही सरकार के पास कांग्रेस की सीबीआई जांच की मांग को ठुकराने का भी कोई कारण नहीं है। जगदीश भोला द्वारा ड्रग्स रैकेट में बिक्रम सिंह मजीठिया का नाम लेने के बाद सरकार कह रही थी कि एक कट्टर अपराधी के कहने पर कार्रवाई नहीं कर सकते।
खैहरा ने कहा कि वह कुछ कांग्रेसियों और अकालियों के इस बयान से सहमत नहीं हैं कि शशिकांत के आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। हम सिर्फ इसलिए चुप नहीं रह सकते कि पार्टी विधायक ओपी सोनी का नाम भी सूची में है।
पार्टी हित के लिए ड्रग्स के मुद्दे को नजरंदाज नहीं किया जा सकता। यह पंजाब के लाखों घरों का सवाल है, जिनके बच्चे जान गंवा रहे हैं।
खैहरा ने मांग की कि निष्पक्ष जांच कराई जाए, किसी और कांग्रेसी का नाम आता है, तो उसे भी सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि बादल अब भी ड्रग्स पर तैयार किए गए चार पेज के डोजियर का पूरा ब्योरा जारी नहीं करते, तो माना जाएगा कि वह भी इस गठजोड़ का हिस्सा हैं।