महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के निजी टीवी चैनलों पर प्रसारित इंटरव्यू में उत्तर भारतीयों पर दिए गए आपत्तिजनक बयानों को लेकर एक महिला वकील ने ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट आशीष थाथाई की कोर्ट में याचिका दायर की है। अदालत ने मामले के लिए अगली सुनवाई 26 अप्रैल को तय की है।
याचिका में अदालत से राज ठाकरे द्वारा बिना शर्त माफी मांगने की मांग की गई है। याचिका के अनुसार बीते 19 व 20 अप्रैल को कई चैनलों पर राज ठाकरे ने इंटरव्यू के दौरान उत्तर भारतीयों पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं।
याचिका में कहा गया है कि ठाकरे ने उत्तर भारतीयों मुख्यत: उत्तर प्रदेश व बिहार के लोगों के मुंबई में आकर बसने पर विरोध जाहिर किया था। इसके साथ ही उत्तर भारतीय छात्रों द्वारा मुंबई में रेलवे की परीक्षा के लिए वहां पहुंचने पर उन्हें मनसे कार्यकर्त्ताओं द्वारा पीटने की घटना का ठाकरे ने औचित्य सिद्ध किया।
याचिका में कहा गया है कि भारतीय संविधान के मुताबिक देश के हर नागरिक को देशभर में कहीं भी जाने और बसने की स्वतंत्रता का अधिकार है।
ऐसे में मुंबई व महाराष्ट्र अपवाद नहीं हैं। राज ठाकरे के बयानों के खिलाफ याचिकाकर्त्ता ने स्टेट व नेशनल मशीनरी द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने पर हैरानी जताई है।