चंडीगढ़। विभिन्न राज्यों से आने वाली बसों को लेकर यूटी प्रशासन ने सोमवार को बड़ा आदेश जारी किया है। इसके अनुसार 10 अप्रैल से आईएसबीटी-17 और 43 में आने वाली सभी बसों से पार्किंग शुल्क आरएफआईडी टैग से सिर्फ ऑनलाइन ही लिया जाएगा। जिन बसों में ये टैग नहीं लगे होंगे, उन्हें दोगुना पार्किंग शुल्क देना होगा। यूटी प्रशासन के परिवहन विभाग के सचिव नितिन यादव की तरफ से इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। आदेश में कहा गया है कि चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) ने वर्ष 2019 में आईएसबीटी-17 और 43 पर ऑटोमेटिक पार्किंग फी कलेक्शन सिस्टम शुरू किया था लेकिन यह देखा जा रहा है कि अभी भी कई राज्यों की बसें आईएसबीटी में बिना आरएफआईडी टैग के ही प्रवेश कर रही हैं या फिर जिन बसों में आरएफआईडी टैग लगे हैं, उनमें पर्याप्त बैलेंस नहीं होते हैं। इसकी वजह से वह कैश में ही पार्किंग शुल्क जमा करा रहे हैं जबकि कई बार उन्हें आरएफआईडी टैग से पार्किंग शुल्क जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
अब यह फैसला लिया गया है कि 10 अप्रैल से सिर्फ आरएफआईडी टैग के जरिए ही पार्किंग शुल्क लिया जाएगा और ऑटोमेटिक पार्किंग फी कलेक्शन को 100 फीसदी लागू किया जाएगा। जो बसें बिना आरएफआईडी टैग या उनमें पर्याप्त बैलेंस के आईएसबीटी में प्रवेश करेंगी, उनसे दोगुना पार्किंग शुल्क लिया जाएगा। आदेश में कहा गया है कि जो नियम नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा टोल प्लाजा पर अपनाया जाता है, वहीं नियम आईएसबीटी-17 और 43 पर अपनाया जाएगा। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस आदेश से पार्किंग शुल्क को वसूलने में पारदर्शिता आएगी और रिकॉर्ड को मेंटेन करना भी आसान होगा।