इराक में फंसे युवक बलजिन्द्र सिंह ने इंटरनेट पर कहा, बाहर निकला आतंकी मारेंगे, अंदर रहा तो भूख से मर जाऊंगा’
इराक में शिया और सुन्नी विवाद के कारण गृह युद्ध चल रहा है और वहां फंसे भारतीय में कैथल जिले के गांव भूना का बलजिंद्र सिंह भी शामिल है। रोजगार के लिए इराक गए बलजिन्द्र सिंह ने सोमवार देर रात अपने परिजनों को फोन किया तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मगर उनकी यह खुशी महज आधे मिनट में ही दम तोड़ गई।
इस दौरान हुई बातचीत में बलजिंद्र की दर्द भरी दास्तान सुनकर उसके परिवार के लोगों के चेहरों पर मायूसी छा गई। बलजिंद्र के भाई बलजीत सिंह ने बताया कि उसका भाई आठ माह पहले इराक गया था और वहां मिस्त्री का काम करता है। पिछले कई दिन से उनका बलजिंद्र से एक बार भी संपर्क नहीं हुआ, जिसके चलते वे सभी चिंतित हैं।
बलजीत ने बताया कि उसके भाई के पास फोन नहीं है। उसने इंटरनेट के माध्यम से संपर्क किया और कहा कि वह बहुत परेशानी में है। उसने बताया कि जिस कंपनी में वह कार्यरत था, उसका मालिक कंपनी ही छोड़ कर भाग गया है और वह एक कमरे में बंद है, क्योंकि बाहर उसकी जान को जोखिम हो सकता है।
रोटी के लाले पड़ गए हैं : बलजिंद्र
बलजीत ने बताया कि अब उसके भाई को रोटी के भी लाले पड़ गए हैं और उसके पास पैसे नहीं बचे हैं। बलजिंद्र ने बताया कि करीब आधे मिनट बाद फोन कट गया। परंतु फोन कटने से पहले उसने कहा, ‘बाहर निकला तो आतंकी मारेंगे और अंदर रहूंगा तो भूख से मर जाऊंगा।’ बलजिंद्र सिंह ने अपने भाई से कहा, ‘मोदी जी नूं आखो कित्ते देर न हो जाए। (प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी से कहो जो करना है, जल्दी करें अन्यथा देर हो जाएगी)।
गांव कक्योर माजरा का युवक भी फंसा
गांव भूना के बलजिन्द्र सिंह के अलावा गांव कक्योर माजरा का युवक मस्तान सिंह भी वहां फंसा हुआ है। वह तीन महीने पहले ही इराक गया था। मस्तान के पिता अवतार सिंह ने बताया कि पहले तकरीबन रोजाना देर रात मस्तान का फोन आ जाता था, मगर रविवार से मस्तान का फोन नहीं आया है, जिससे परिवार चिंतित है। बेबस और लाचार बलजिन्द्र सिंह और मस्तान सिंह का परिवार अब अपने लाडलों की सलामती के लिए भगवान से दुआ कर रहा है।