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इराक संकट से 7 करोड़ के आर्डर फंसे

Sat, 21 Jun 2014 04:02 PM IST
मोहित धुपड़/अमर उजाला, अंबाला सिटी
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इराक संकट की आंच अब अंबाला साइंस सिटी पर भी पड़ने लगी है। उद्यमियों के करीब सात करोड़ के आर्डर फंस गए हैं और संशय में फंसे कारोबारियों ने फिलहाल हाथ खींच लिए हैं। यानी इराक संकट से अंबाला साइंस सिटी को भी तगड़ा झटका लग गया है।
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अंबाला की इंटरनेशनल साइंस सिटी से हर साल विदेशों में 250 करोड़ के साइंस और मेडिकल उपकरण का निर्यात होता है। इसमें से काफी माल खाड़ी देशों में ही निर्यात होता है।

इन खाड़ी देशों में इराका भी शामिल हैं, जिससे अंबाला की साइंस सिटी डील करती है। लेकिन अधिकतर डीलिंग जार्डन देश के जरिये होती है। कुछेक कारोबारी ही इराक से सीधे डील करते हैं।
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खैर, हर साल सीधे व जोर्डन के जरिये इराक में करोड़ों रुपये के साइंस और मेडिकल उपकरण भेजे जाते हैं। इन हालातों से पहले भी खाड़ी देशों से उपकरणों के आर्डर की प्रक्रिया चल रही है।

कारोबार पर लग गया है ग्रहण

बीते कई दिन से इराक में जो हालात बने हैं, उसे लेकर अंबाला के उद्यमी इस बात के संशय में हैं कि वे इराक से आगे कारोबार जारी रखे या नहीं।

अभी उद्यमियों ने यही फैसला लिया है कि तमाम आर्डर को छोड़ते हुए इराक से कारोबार पर फिलहाल ब्रेक लगा दी जाए और हालातों के सामान्य होने का इंतजार किया जाए।

जिन उद्यमियों के पास इस वक्त इराक के आर्डर है, उन्होंने भी इराक का काम रोक दिया है। क्योंकि ऐसे हालातों में इराक में पेमेंट फंसने की संभावनाएं ज्यादा है।
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इराक के हालातों पर उद्यमियों का पूरा ध्यान

इराक के हालातों पर अंबाला के उद्यमियों ने भी पूरा ध्यान रखा हुआ है। फिलहाल इराक से कारोबार बंद करना ही समझदारी है। इसीलिए आर्डरों पर ब्रेक लग गया है। क्योंकि ऐसे हालातों में माल का सही सलामत वहां पहुंचना और वहां से पेमेंट का मिलना थोड़ा मुश्किल सा दिख रहा है। हर साल इराक से करोड़ों का काम होता है, लेकिन वहां के हालातों को देखकर फिलहाल हाथ खींचा जा रहा है।
-अश्वनी गोयल, दि अंबाला साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंटस एंड मैन्युफैक्चर एसोसिएशन

इराक के हालातों को देखते हुए यहां उद्यमी भी अभी इराक से काम नहीं करना चाहता। इस बात की गारंटी नहीं है कि निर्यात किया माल ऐसे हालातों में सही सलामत पहुंच जाएगा। यदि कोई नुकसान हुआ तो यहां उद्यमी की कमर टूट जाएगी।  हालांकि इससे अंबाला के उद्यमियों को झटका तो लगा हैं, लेकिन हालात देखते हुए उद्यमी जोखिम नहीं उठाना चाहते। इसलिए काम पर ब्रेक ही लगाना उचित होगा।
-चरणजीत सिंह, साइंस उद्यमी
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