हरियाणा में तैनात आईपीएस अधिकारियों को अब पदोन्नति के लिए इंतजार करना होगा। आईपीएस कैडर पदों की संख्या बढ़ाने के राज्य सरकार के प्रस्ताव को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लौटा दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने प्रस्ताव में कई कमियां बताई और नए सिरे से तय प्रोफॉर्मा में दो सप्ताह बाद भरकर भेजने को कहा है।
गौर हो कि हरियाणा ने 11 अगस्त को केंद्र सरकार को आईपीएस अधिकारियों के लिए स्वीकृत पदों की संख्या में बढ़ोतरी करने को लेकर प्रस्ताव भेजा था। राज्य ने कैडर की संख्या को मौजूदा 144 से बढ़ाकर 167 करने का प्रस्ताव दिया था, जिसमें कैडर पद, एक्स-कैडर पद और ऑफिसर ऑन ट्रेनिंग के पद शामिल हैं। प्रस्ताव में राज्य कैडर के पदों को मौजूदा 79 से बढ़ाकर 90 करने का प्रस्ताव है, जबकि डीजीपी के कैडर पदों को मौजूदा दो से बढ़ाकर तीन करने की सिफारिश है। इसके अलावा एडीजीपी के पदों की संख्या छह से आठ, आईजीपी 18, डीआईजी 15 से 18, और एसपी, डीसीपी और अन्य के 44 पद करने का प्रस्ताव है। आमतौर पर आईपीएस कैडर की संख्या की समीक्षा चार साल के अंतराल पर की जाती है।
दो एडीजीपी और दो डीजी रैंक में होने हैं पदोन्नत
हरियाणा में दो आईपीएस आईजी से एडीजीपी और दो एडीजीपी से डीजी रैंक में पदोन्नत होने हैं। इसके लिए पुलिस विभाग की तरफ से प्रस्ताव बनाकर गृह विभाग के पास भेजा जा चुका है। केंद्र की तरफ से कैडर संख्या में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को वापस भेजने से इन अधिकारियों की पदोन्नति पर भी असर पड़ेगा। अब इन अधिकारियों और इंतजार करना होगा।