हरियाणा सीआईडी की कमान अब पूरी तरह से 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी आलोक मित्तल के हाथ आ गई है। सरकार ने उन्हें एडीजीपी सीआईडी नियुक्त कर दिया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। एडीजीपी सीआईडी अनिल राव के सेवानिवृत्त होने पर मित्तल को यह जिम्मेदारी मिली है।
एक महीना पहले केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे मित्तल को ओएसडी सीआईडी लगाया गया था। उसी समय सरकार ने संकेत दे दिए थे कि मित्तल अगले सीआईडी प्रमुख होंगे। अनिल राव को 31 जुलाई को सेवानिवृत्त होना था लेकिन शुक्रवार को सरकारी अवकाश के कारण 30 जुलाई को ही उन्हें सेवानिवृत्त कर दिया गया। आलोक मित्तल अनुभवी आईपीएस अफसर हैं। 5 साल 2 महीने तक केंद्र में प्रतिनियुक्ति के दौरान वह राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी में रहे। इससे पहले व चार साल तक सीबीआई में भी सेवाएं दे चुके हैं।
हरियाणा का उन्हें खासा अनुभव है। वह पंचकूला, फरीदाबाद, पानीपत व रोहतक में एसपी रह चुके हैं। एसपी रहने के दौरान उन्होंने अनेक उल्लेखनीय कार्य किए। फरीदाबाद में उनके कार्यकाल में शुरू हुई योजनाएं प्रदेश भर में लागू हुईं। वह गुरुग्राम में संयुक्त आयुक्त, पुलिस का जिम्मा भी संभाल चुके हैं। उन्होंने रोहतक रेंज के आईजी की जिम्मेदारी भी निभाई है। उन्होंने 2007 में एसपी रहते हुए फरीदाबाद में महिला पीसीआर शुरू की, यह देश में पहली बार था। उन्होंने गुरुग्राम में साइबर सेफ अभियान भी चलाया। मित्तल का जन्म 1969 में प्रयागराज (इलाहाबाद)में हुआ है।
ये अवार्ड मिल चुके
- सराहनीय सेवाओं के लिए 2009 में भारतीय पुलिस मेडल
- विशिष्ट सेवाओं के लिए 2016 में राष्ट्रपति पुलिस मेडल
आईआईटी रुड़की से की है मैकेनिकल इंजीनियरिंग
आलोक मित्तल ने 1990 में आईआईटी रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की है। हैदराबाद की उस्मानिया यूनिवर्सिटी से वह पुलिस प्रबंधन में मास्टर डिग्री प्राप्त हैं। एमडीयू रोहतक से एलएलबी व हैदराबाद की नालसर यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन साइबर लॉ किया है।