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हरियाणा को मिला 5000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव

Sun, 31 Jan 2016 04:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा को फूड प्रोसेसिंग, विनिर्माण, आधारभूत संरचना, बिजली, सौर ऊर्जा, आतिथ्य सत्कार, सूचना प्रौद्योगिकी, ई-शासन और शिक्षा के क्षेत्र में कोलकाता के संभावित निवेशकों से 5000 करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
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इसके अलावा सौर ऊर्जा पर आधारित परियोजनाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हरियाणा की नई सौर नीति भी शीघ्र जारी की जाएगी। यह जानकारी हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार को कोलकाता में निवेशकों के साथ अलग-अलग बैठकों के बाद एक पत्रकार वार्ता में दी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 14 अग्रणी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और निदेशकों ने उनसे मुलाकात की और हरियाणा में अपनी इकाइयां स्थापित करने की पेशकश की। इसके अलावा कई उद्यमी उनके संपर्क में हैं, जिन्होंने हरियाणा में निवेश की इच्छा जाहिर की है।
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हरियाणा नई सौर नीति लेकर आएगा, जिसके तहत प्रदेश में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने पर कई प्रोत्साहन दिए जाएंगे। इससे न केवल सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा उद्योग को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

सीएम ने कहा कि राज्य सरकार ने भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) की प्रक्रिया को सरल बनाया है। अब 10 करोड़ रुपये और एक एकड़ क्षेत्र तक की परियोजनाओं के लिए सभी अपेक्षित स्वीकृतियां संबंधित उपायुक्त की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा एक ही छत के नीचे दी जाएंगी, जबकि 10 करोड़ रुपये व एक एकड़ से अधिक की परियोजनाओं के लिए स्वीकृतियां मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में गठित अधिकार प्राप्त समिति द्वारा दी जाएंगी।

उन्होंने कहा कि राज्य में 31 खंडों को चिह्नित किया गया है, जहां एनओसी की कोई आवश्यकता नहीं होगी। जबकि अन्य खंडों में समयबद्ध स्वीकृतियां देने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की गई है। इस मौके पर हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि हरियाणा एक प्रगतिशील राज्य है, जोकि राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद में अपने आकार से तीन गुणा योगदान देता है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा में शांतिपूर्ण कानून व्यवस्था है और यहां का परिवेश उद्योग हितैषी है। राजनीतिक तथा प्रशासकीय तंत्र का रवैया बड़ा ही सहयोगात्मक है।

उन्होंने कहा कि नई उद्यम प्रोत्साहन नीति-2015 का उद्देश्य व्यापार की सहूलियत मुहैया करवाना, पूरे राज्य का संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित करना और एकल खिड़की स्वीकृतियां देना है। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्य सचिव डीएस ढेसी, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रधान सचिव देवेंद्र सिंह उपस्थित थे।

एचएसआईआईडीसी के पास 2000 प्लाट उपलब्ध:
बड़े उद्योगों के लिए हरियाणा में भूमि की उपलब्धता के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पास हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) द्वारा विकसित 31 औद्योगिक संपदाएं हैं, जहां विभिन्न आकार के 2000 प्लाट उपलब्ध हैं। हरियाणा में औद्योगिक इकाइयां विकसित करने के इच्छुक निजी डेवलपर्स के लिए तमाम विकल्प उपलब्ध हैं।
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