इन्वेस्टमेंट एंड शेयर ट्रेडिंग कंपनी ने ट्राइसिटी, पंजाब और हरियाणा के करीब 400 लोगों को गुमराह कर 15 करोड़ रुपये की ठगी की है।
इन्वेस्टमेंट के नाम पर लोगों से रकम वसूलने के बाद कंपनी ने इस राशि से पंजाब में जमीन खरीद ली। यह कंपनी सेक्टर-9 से संचालित हो रही थी, लेकिन कहीं से भी रजिस्टर्ड नहीं थी।
सेक्टर-5 थाना पुलिस ने मुखबिरी के आधार पर लाइव ट्रेडिंग इंडिया कंपनी के संचालक श्रीकांत आचर और एक अन्य कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया है।
उनके खिलाफ सेक्टर-5 थाने में आईपीसी की धारा 406 (अमानत में खयानत), 420(धोखाधड़ी), 467 (फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल करना), 468 (धोखे के लिए जालसाजी), 471 (फर्जी दस्तावेजों को असली के तौर पर इस्तेमाल करना) व 120बी (साजिश रचना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल, पुलिस ने आरोपियों को दो नवंबर तक के रिमांड पर लिया है।
ऑनलाइन प्रचार कर धोखा
पुलिस के मुताबिक, श्रीकांत आचर मूल रूप से बंगलूरू का रहने वाला है। वह जुलाई से सेक्टर-20 की सोसाइटी नंबर 105 में रहता था, जबकि सेक्टर-9 के एक शोरूम में दफ्तर बना रखा था।
लाइव ट्रेडिंग इंडिया कंपनी का ऑनलाइन प्रचार कर बताया गया कि कंपनी शेयर ब्रोकिंग और इंवेस्टमेंट में काम करती है। लोगों को झांसा देने के लिए उदाहरण दिया गया कि अगर कोई पांच लाख रुपये इंवेस्ट करता है तो उसे प्रतिमाह 10 फीसदी ब्याज दिया जाएगा।
इसके अलावा कई तरह के उपहार और ईनामी योजनाओं का भी लोभ दिया जाता था। प्राथमिक जांच में पता चला है कि करीब 400 लोग इस कंपनी में अपना पैसा इन्वेस्ट कर चुके हैं।
ऐसे हुआ पर्दाफाश
सेक्टर-5 थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना के बाद जब इस कंपनी पर दबिश तो वहां श्रीकांत आचर मिले, लेकिन पूछताछ में संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
पुलिस ने दस्तावेज को कब्जे में लेकर जांच की तो सभी कागजात फर्जी निकले। कंपनी न तो इन्वेस्टमेंट सेक्टर में रजिस्टर्ड थी और न ही शेयर ट्रेडिंग में।
इसके अलावा मौके पर कई जमीनों की रजिस्ट्रियां भी मिली, जो पंजाब में खरीदी गई हैं। पुलिस के मुताबिक, यह जमीन लोगों के पैसे से ही खरीदी गई है, जो श्रीकांत के खुद के नाम पर हैं।
प्रापर्टी होगी अटैच
पुलिस के मुताबिक, लोगों से धोखा करके प्रॉपर्टी ली गई है। रजिस्टरियाें को कब्जे में लिया गया है। पुलिस इस प्रापर्टी को अटैच करेगी, क्योंकि पीड़ितों की रिकवरी कराई जानी है।
पुलिस के मुताबिक, इस गोलमाल में और भी कई आरोपी हैं, जिनके बारे में श्रीकांत से रिमांड के दौरान पता लगाया जाएगा।