हरियाणा सरकार की खेल नीति पर इंटरनेशनल रेसलर विनेश फोगाट ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि राजनीतिक अखाड़े में खड़ा करके खिलाड़ियों को अपमानित न करें। मेरी हरियाणा सरकार से गुजारिश है कि वायदा किया है तो निभाओ। नहीं तो अपना दिया हुआ पुरस्कार वापस ले जाओ।
विनेश ने कहा कि पहले सरकार की जो नीति थी, वो सही थी। अब जो नीति है, उससे कोई खिलाड़ी खुश नहीं है। इससे खिलाड़ियों को कोई प्रोत्साहन नहीं मिलता, चाहे वह टीम में खेलता हो या व्यक्तिगत तौर पर खेलता हो। मंत्री अनिल विज प्रदेश सरकार की नीति को सबसे अच्छा बताते हैं, जबकि वास्तव में ऐसा कुछ भी नहीं है।
विनेश ने ट्वीट किया कि एक तरफ देश के प्रधानमंत्री कहते हैं कि खेल आगे बढ़ेगा, तभी देश आगे बढ़ेगा। दूसरी ओर, हरियाणा की सरकार खेलों में राजनीति करके उनको पूरी तरह खत्म करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही है। क्या ऐसे ही देश आगे बढ़ेगा???
खिलाड़ियों की राशि काटने पर सियासत तेज, विज बोले नहीं काटी गई इनाम राशि
बता दें कि हरियाणा में खिलाड़ियों की प्रोत्साहन राशि में कटौती को लेकर जबरदस्त सियासत शुरू हो गई है। मामले में जहां आम आदमी पार्टी और जननायक जनता पार्टी के नेता दोनों ही सरकार के खिलाफ मुखर हो गए हैं, वहीं उन्होंने सरकार को खिलाड़ी विरोधी भी करार दे दिया है। लेकिन सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
सीएम मनोहर लाल ने इस मसले पर ज्यादा कुछ न कहते हुए सिर्फ यही कहा कि हरियाणा की खेल नीति देश में सबसे बेहतर खेल नीति है, जो युवाओं, छात्रों व किशोरों को खेलों की ओर खींच रही है। सीएम ने कहा कि इस मामले को भी देखा जा रहा है। जल्दी ही समाधान निकाल लिया जाएगा।
दूसरी ओर, इसी विवाद पर खेल मंत्री अनिल विज ने भी स्पष्ट करते हुए कहा कि किसी भी खिलाड़ी की इनामी राशी में कटौती नहीं की गई है। खिलाड़ियों को इस मसले को समझने में कोई चूक हो रही है। कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स एक साथ हुए थे और जिस खिलाड़ी ने दोनों खेलों में स्वर्ण पदक जीते, उसे एक खेल की इनाम राशि पूरी दी गई है और दूसरे में आधी दी गई है। इसमें कोई गफलत नहीं है, खिलाड़ी बात को केवल समझें और फिर भी कोई गफलत हो तो सीनियर खेल अधिकारियों से बात करें।