सुनीता की मां जमना देवी का कहना है कि बेटी ने चार साल पहले बताया कि वह खेलना चाहती है। तभी से उन्होंने अतिरिक्त काम करना शुरू कर दिया। सुनीता को खेलने के लिए वक्त दिया। खेलने आने-जाने के लिए पैसों की व्यवस्था भी की। उसका संघर्ष अभी जारी है। जब तक उसकी बेटी किसी बड़े मुकाम को हासिल नहीं कर लेती। वह अपना संघर्ष जारी रखेंगी।
नहीं है अपने घर की जमीन
सुनीता के परिवार के पास घर के लिए जमीन नहीं है। उनका परिवार पंचायत की दी हुई जमीन पर तालाब के पास अपना टूटा-फूटा घर बनाकर रहता है।
विधायक कुंडू ने की पांच लाख रुपये की सहायता
महम विधायक बलराज कुंडू ने सुनीता को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। साथ ही साढ़े तीन लाख की स्पोर्ट्स किट भी दी। विधायक कुंडू ने सुनीता को कहा कि गरीबी और तंगहाली का वक्त पीछे छूट गया, अब से आप मेरी धर्म की बेटी हो। विधायक ने सुनीता को प्रतिमाह 10 हजार रुपये की डाइट मनी देने की भी बात कही। साथ ही ग्राम पंचायत से सुनीता के परिवार के लिए प्लॉट उपलब्ध करवाने की अपील की और कहा कि सबसे पहला कार्य इस परिवार के सिर पर अपनी खुद की छत होना है।
उन्होंने सुनीता को आगामी इंटरनेशनल चैंपियनशिप की तैयारी में जुट जाने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि स्ट्रेन्थ लिफ्टिंग के साथ अब वेटलिफ्टिंग की तैयारी करो। तुम्हें देश के लिए ओलंपिक में गोल्ड जीतकर सीसर गांव ही नहीं, बल्कि देश का नाम भी रोशन करना है।