नीरज के भाई अमित ने बताया कि पिछले छह माह से नीरज लगातार नेशनल कैंप में भाग ले रही है। गत दिनों उसकी शादी थी उसमें भी नीरज शरीक नहीं हुई थी। अमित ने बताया कि नीरज ने आठ वर्ष की उम्र में बॉक्सिंग खेलना शुरू किया था। शुरूआती सालों में उसने ज्यादा टूर्नामेंट में भाग नहीं लिया। राष्ट्रीय स्तरीय की स्पर्धाओं में नीरज दो गोल्ड और एक ब्रांज मेडल जीत चुकी है। अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में उसने चार गोल्ड, दो सिलवर और एक ब्रांज मेडल जीते हैं।
नीरज की उपलब्धियां
- दो बार नेशनल चैंपियन।
- तीन बार ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी चैंपियन।
- सर्बिया में आयोजित अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा में गोल्ड।
- जापान में आयोजित बॉक्सिंग स्पर्धा में गोल्ड।
- फ्रांस में आयोजित बॉक्सिंग स्पर्धा में गोल्ड।
- रशिया में आयोजित बॉक्सिंग टूर्नामेंट में गोल्ड।
- ओपन इंडिया गेम्स में गोल्ड मेडल।
परिजन नीरज के डोप टेस्ट के नतीजों से चकित हैं। नीरज प्रतिबंधित दवाओं का सेवन नहीं कर सकती। उसने पिछले छह माह से एक दिन भी कैंप मिस नहीं किया है। - अमित, नीरज फौगाट के भाई
फेडरेशन के समक्ष अपना पक्ष रखेगी नीरज: हितेश
महिला बॉक्सर नीरज के भाई हितेश ने अमर उजाला को बताया कि अगस्त में नीरज के घुटनों और कंधों में इंजरी हो गई थी। इससे उबरने के लिए उसने झज्जर के एक डॉक्टर से इलाज करवाया था। इससे संबंधित मेडिकल दस्तावेज भारतीय बॉक्सिंग संघ को भेज दिए गए हैं।
जल्द ही नीरज को फेडरेशन की ओर से गवाही के लिए बुलाया जाएगा, तो वह अपना पक्ष रखेगी। उन्होंने कहा कि नीरज लगातार नेशनल कैंप का हिस्सा रही है। इस दौरान लगभग हर महीने खिलाड़ियों का डोप टेस्ट होता है। जिस डोप टेस्ट में नीरज पॉजिटिव पाई गई है, उस दौरान उसने कोई पदक नहीं जीता है। इस कारण नीरज से कोई भी पदक नहीं छीना जाएगा।