सिटी के रेजीडेंट्स को इंटरनेशनल फ्लाइट के लिए एक साल तक इंतजार करना पड़ सकता है। केंद्र सरकार द्वारा चंडीगढ़ एयरपोर्ट में इंटरनेशनल सुविधाएं मुहैया करवाने और इंटरनेशनल फ्लाइट को मंजूरी मिलने के बाद भी अभी तक किसी विमानन कंपनी को क्लीयरेंस नहीं मिल सकी है।
एक ही रनवे पर मशक्कत
चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर एक ही रनवे है। जिसको मेंटेन करने का काम छह महीने से चल रहा है। रनवे को रिपेयर किया जा रहा है और उसके साथ ही यहां अपग्रेडेड अप्रोच लाइट सिस्टम, मेट्रोलाजिकल इंस्ट्रूमेंट और इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम को लगाया जा रहा है।
चंडीगढ़ एयरपोर्ट का रनवे एयरफोर्स की है। जिसका चौड़ा नहीं किया जा सकता है। रनवे के दोनों ही ओर कच्ची जमीन है और दूसरी ओर एयरफोर्स के हैलीकाप्टरों की पार्किंग का स्पेस।
मोहाली टर्मिनल से होगी उड़ान
चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर होने वाली इंटरनेशनल उड़ान मोहाली टर्मिनल के बनने के बाद शुरू होगी। सूत्र बताते हैं कि विमानन कंपनी को क्लीयरेंस मिलने के बाद भी कोशिश यही है कि नए टर्मिनल की शुरुआत के साथ ही इंटरनेशनल उड़ान हो।
दो कंपनियां हैं लाइन में
चंडीगढ़ से इंडिगो और स्पाइसजेट को अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लिए अनुमति दी गई है। दोनों ही कंपनियों का मामला अब तक मिनिस्ट्री में उलझा हुआ है। स्पाइसजेट और इंडिगो की उड़ान बैंकाक, मिडिल ईस्ट के लिए होगी।