इसमें ग्रेटर लुधियाना डेवलपमेंट अथॉरिटी का हिस्सा 49 प्रतिशत होगा। नया हवाई अड्डा विकसित करने का सारा खर्च एएआई द्वारा वहन किया जाएगा। पंजाब सरकार इसके लिए 135.54 एकड़ जमीन मुफ्त मुहैया करवाएगी। इसे चलाने और प्रबंधन का खर्च जेवीसी वहन करेगी।
सरकार को उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय सिविल एनक्लेव के पहले चरण का काम हवाई जहाजों की कोड 4-सी टाइप उड़ानों के लिए तीन साल में पूरा हो जाएगा। गौरतलब है कि इस संबंध में प्रस्ताव तीन दिसंबर को हुई कैबिनेट बैठक में पास किया गया था।
अमृतसर में कार्गो टर्मिनल के लिए भी समझौता
अमृतसर एयरपोर्ट पर कार्गो टर्मिनल शुरू करने और रखरखाव के लिए पंजाब सरकार और एएआई कार्गो लॉजिस्टिक एंड अलाइड सर्विसेज कंपनी लिमिटेड के बीच एक और समझौता हुआ। इसके मुताबिक 2013 से चालू अमृतसर एयरपोर्ट पर बने पैरिशेबल कार्गो सेंटर की देखभाल करने वाले केंद्र को एएआई अपने अधीन कर लेगी। इससे पंजाब व पड़ोसी राज्यों से कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। कार्गो उड़ानों की जल्द शुरू होने की उम्मीद है।