गृह मंत्रालय से मंजूरी न मिलने के कारण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लगने वाले तीन मेगावाट के सोलर प्रोजेक्ट पर ग्रहण लग गया है। एयरपोर्ट की टेक्निकल टीम ने इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट नई दिल्ली और पटियाला सहित कई जगहों का दौरा करने के बाद प्रपोजल तैयार कर गृह मंत्रालय को भेजा था। इसे मंजूरी जनवरी में मिलनी थी, लेकिन अब तक हरी झंडी नहीं मिल पाई है। इस कारण सोलर प्रोजेक्ट लगाने की योजना शुरू नहीं हो पाई है।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अधिकारियों के बीच दिल्ली में बैठक हुई थी। इसके बाद एयरपोर्ट की टेक्निकल टीम ने दौरा किया था। इसके बाद एयरपोर्ट पर तीन मेगावाट का प्रोजेक्ट लगाने का फैसला लिया गया था। अगर यह सोलर प्रोजेक्ट यहां पर इंस्टाल हो जाता तो लाइटें सौर ऊर्जा से जलाई जा सकती थीं। इससे बिजली की बचत की जा सकती थी।
सूत्रों के मुताबिक सोलर पैनल को लगाने के लिए जनवरी में अनुमति मिलनी थी, लेकिन अब तक गृह मंत्रालय में फाइल अटकी हुई है। इसलिए यह प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ पाया है। अगर तीन मेगावाट का सोलर प्रोजेक्ट लग गया होता तो रात में इंटरनेशनल एयरपोर्ट सोलर लाइटों से जगमगाता। पूरे एयरपोर्ट एरिया में सोलर लाइटें भी लगाई जानी थी, लेकिन यह भी नहीं लगाई जा सकी हैं।
तीन मेगावाट के सोलर प्रोजेक्ट का प्रपोजल बनाकर भेजा गया है। अब तक इसे मंजूरी नहीं मिल पाई है। अप्रूवल मिलते ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
-सुनील दत्त, सीईओ, इंटरनेशनल एयरपोर्ट।