कुछ राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इनकम टैक्स विभाग की इस छापेमारी से कुलदीप को फायदा भी हो सकता है। उनका कहना है कि यदि जांच टीमें कुलदीप के आवास और प्रतिष्ठानों से कुछ खास नहीं निकलवा पाई तो कुलदीप को नुकसान होने के बजाय फायदा ही होगा। उनका राजनीतिक कद बढ़ेगा और वे विपक्ष पर हमलावर की स्थिति में होंगे। इसके विपरीत कुछ राजनीतिक विशेषज्ञ यह कह रहे हैं कि कुलदीप का राजनीतिक करियर ही नहीं बचा है तो इस कार्रवाई के कोई राजनीतिक मायने नहीं हैं, क्योंकि उन्होंने अपने बेटे को लोकसभा चुनाव में उतारा और अपने गढ़ आदमपुर से भी बुरी तरह हार गए।
भाजपा में शामिल कराए जाने की चर्चा
हिसार सेक्टर-15 स्थित कुलदीप के आवास पर एकत्रित हुए उनके समर्थकों में चर्चा इस बात को लेकर थी कि यह कार्रवाई केवल और केवल कुलदीप को भाजपा में शामिल कराने को लेकर थी। उनका कहना था कि भाजपा उन शर्तों को हटाने का दबाव बना रही है, जो कुलदीप ने पार्टी में शामिल होने के लिए लगाई हुई हैं। समर्थक इस बात को लेकर आश्वस्त थे कि यह कार्रवाई भाजपा द्वारा ही सोची-समझी रणनीति के तहत करवाई गई है।
आयकर विभाग की रेड स्पष्ट नहीं है। कह रहे हैं कुलदीप बिश्नोई का सात हलकों में बिजनेस है। इन्हें यह ही नहीं पता कि ये जांच किस चीज की कर रहे हैं। वे हिसार में कुलदीप के सात जगह बिजनेस की बात कह रहे हैं, जबकि हिसार जिले में सात हलके आते हैं, जिनका कुलदीप अकसर जिक्र करते हैं। - रामजीलाल, पूर्व सांसद, राज्यसभा।
भाजपा सरकार इस तरह की कार्रवाई कर राजनीतिक हथकंडे अपना रही है। विरोधियों पर दबाने के लिए पूरे देश में केवल विपक्षियों पर ही इस तरह की कार्रवाई की जा रही है, लेकिन ऐसे हथकंडों से सच्चाई दबाई नहीं जा सकती। - संपत सिंह, पूर्व मंत्री, हरियाणा सरकार।
पूर्व मुख्यमंत्री स्व. भजनलाल के पुत्र व आदमपुर से विधायक कुलदीप बिश्नोई के ठिकानों पर मंगलवार सुबह आयकर विभाग की टीम ने छापेमारी की। कुलदीप के सेक्टर-15 स्थित आवास पर, सिरसा रोड स्थित ऑटोमोबाइल एजेंसी पर और आदमपुर मंडी में स्थित उनके आवास कम प्रतिष्ठान पर तीन टीमों ने सुबह करीब सात बजे एक साथ रेड शुरू की।
बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई में दिल्ली से केंद्रीय आयकर विभाग की टीम और हरियाणा के रोहतक से आयकर विभाग की टीम के सदस्य शामिल थे। जानकारी के अनुसार, इनकम टैक्स विभाग की तीन टीमें एक साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुलदीप बिश्नोई के आवास और प्रतिष्ठानों पर पहुंचीं।
उन्होंने मौके पर मौजूद घर के सदस्यों को अंदर ही रोके रखा और बाहर से किसी व्यक्ति को नहीं आने दिया गया। उनके मोबाइल जब्त करने के बाद स्विच ऑफ करके ड्राइवर को दे दिए गए। हालांकि कोई भी अधिकारी फिलहाल कुछ बोलने को तैयार नहीं है, लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार टीमें कागजात, रिकॉर्ड, नकदी, गहने और बैंक डिटेल आदि की जांच हुई।