हर पहलु पर विचार के बाद इस विशेष कमेटी ने अपनी संस्तुति रिपोर्ट सरकार को सौंपी दी है। जिसके बाद यह निर्णय लिया गया कि याचिकाकर्ताओं यानी अभियोजन विभाग के सरकारी विभागों को वर्दी और मोबाइल भत्ते दिए जाएंगें।
चार में से सिर्फ दो ही भत्ते मिलेंगे
चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता वाली विशेष कमेटी की सिफारिशों के मुताबिक हरियाणा में सरकारी वकीलों को तीन साल के लिए एक बार 5 हजार रुपये वर्दी भत्ता दिया जाएगा। साथ ही उनके लिए यह भी अनिवार्य होगा कि अदालत में पेश होने के लिए जो ड्रेस कोड निर्धारित है, सरकारी वकील वही पहेंनेगे।
इसके अलावा जो सरकारी वकील डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में पोस्टिड होंगे, केवल उन्हे ही 150 रुपये प्रति माह मोबाइल भत्ता मिलेगा। चूंकि जिला अदालतों में डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा है, इसलिए उन्हे लाइब्रेरी भत्ता नहीं मिलेगा और न ही कनवेयंस अलाउंस दिया जाएगा।