खुफिया विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि अमृतसर जिले के गांव से बरामद पहले टिफिन बम के बाद यह माना गया था कि अन्य हथियारों के साथ पाकिस्तान से पहली बार टिफिन बम गिराया गया है और संभवत: त्योहारों के मद्देनजर आतंकी वारदात की साजिश रची जा रही है लेकिन पूर्व जत्थेदार के बेटे की गिरफ्तारी के बाद यह साफ हो गया है कि पाकिस्तान बड़े पैमाने पर बम धमाके की साजिश रच रहा है।
जत्थेदार के बेटे ने पूछताछ में चार टिफिन बमों की डिलीवरी का खुलासा किया तो यह स्पष्ट हो गया कि पंजाब में टिफिन बमों की आमद पहले से हो रही है, क्योंकि पकड़े गए व्यक्ति ने माना था कि उसने टिफिन बम की पहली डिलीवरी जुलाई में की थी। उधर, बीते सप्ताह ड्रोन के जरिए ही पंजाब सीमा के भीतर दो और टिफिन बम गिराए जाने का मामला सामने आया है।
एसएफजे और आईएसआई की साठगांठ पर नजर
पंजाब पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, टिफिन बम प्रकरण को केंद्रीय एजेंसियां पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान ही प्रतिबंधित आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसजेएफ) की ओर से खालिस्तान रेफरेंडम के लिए राज्य में पोलिंग कराने के एलान से जोड़कर देख रही हैं। पंजाब पुलिस की एसएफजे और आईएसआई की साठगांठ पर नजर है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा अन्य हथियारों के साथ टिफिन बमों को पंजाब भेजने से यह आशंका बढ़ी है कि विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में सार्वजनिक और भीड़भाड़ वाले इलाकों में धमाके कर गड़बड़ी पैदा की जा सकती है।