हरियाणा सरकार प्रदेश में दस लाख पशुओं का बीमा करवाएगी। इसके लिए प्रीमियम के रूप में 71.79 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। हरियाणा सरकार का मकसद पशुपालकों को जोखिम फ्री बनाना है। मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने इसी संदर्भ में राष्ट्रीय पशुधन मिशन की राज्य स्तरीय कार्यसमिति की बैठक भी ली। जिसमें इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक अनुमति प्रदान की गई।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि पशुपालक के अधिकतम दावों के निपटान के लिए विभाग और बीमा कंपनी द्वारा एक उचित तंत्र विकसित किया जाए व बीमा कंपनियों द्वारा दावे निर्धारित समय अवधि में पूरे किये जायें। इसके अलावा, उन्होने एनएलएम के अन्य घटकों जैसे अनुसंधान विकास ,चारा और अन्य विस्तार गतिविधियों पर भी कार्य करने के निर्देश दिए।
इस योजना के अनुसार राज्य के 10 लाख पशुओं का बीमा करने का लक्ष्य है, जिसमें लाभार्थी को प्रत्येक बड़े पशु के बीमा प्रीमियम के रूप में 100 रुपये और प्रत्येक छोटे जानवर के लिए बीमा प्रीमियम के रूप में 25 रुपये प्रति वर्ष के लिए देने होंगे।
बैठक में बताया कि योजना के अनुसार एक लाभार्थी अधिकतम 5 बड़े पशुओं का 100 रुपये प्रत्येक पशु तथा 50 छोटे जानवरों का 25 रुपये प्रत्येक पशु का बीमा करवाया जा सकता है। अनुसूचित जाति के लाभार्थियों के मामले में, उनके सभी पशुओं का बीमा मुफ्त होगा।