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एसएचओ जसविंदर कौर पर कार्रवाई करने के लिए एसएसपी को निर्देश जारी

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चंडीगढ़। दो लाख रुपये की रिश्वत लेने के मामले में सीबीआई अदालत ने वीरवार को एसएसपी को एसएचओ जसविंदर कौर का रिकॉर्ड चेक करके कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। वीरवार को शिकायतकर्ता प्रेम सिंह ने अदालत में एक आवेदन दायर कर कहा कि जसविंदर कौर द्वारा बयान बदलने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है। साथ ही अन्य पुलिसकर्मी भी उन पर दबाव डाल रहे हैं।
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पुलिसकर्मियों ने कहा कि अगर वह इस केस में गवाही में अपने बयानों से नहीं मुकरे या उन्होंने अपना आवेदन वापस नहीं लिया तो उन्हें झूठे हेरोइन और प्रतिबंधित इंजेक्शन के केस में फंसा दिया जाएगा। उसके बाद शिकायतकर्ता ने न्याय की मांग करते हुए एसएचओ जसविंदर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। शिकायतकर्ता ने एक आवेदन दायर कर एसएचओ जसविंदर कौर को मामले मेें आरोपी बनाने की मांग की थी। उसी आवेदन को वापस लेने के लिए उस पर दबाव बनाया जा रहा है। मामले की अगली सुनवाई पांच मार्च को होगी।
307 के केस में से तीन आरोपियों को बाहर निकालने के एवज में मांगे थे नौ लाख
2017 में सेक्टर-31 की मार्केट में सीबीआई ने मोहन सिंह को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। डेराबस्सी निवासी प्रेम सिंह बिष्ट की शिकायत पर सीबीआई ने ट्रैप लगाया था। सब इंस्पेक्टर मोहन सिंह पर आरोप है कि उसने 307 के मामले तीन आरोपियों को बाहर करने के एवज में 9 लाख रुपये की मांग की थी। उसमें से आठ लाख रुपये जसविंदर कौर को देने की बात कही गई थी। सीबीआई के ट्रैप के बाद सेक्टर-31 थाने की एसएचओ इंस्पेक्टर जसविंदर कौर को लाइन हाजिर कर दिया गया है। सीबीआई ने जसविंदर कौर से भी पूछताछ की थी। प्रेम सिंह बिष्ट के मुताबिक उसका फाइनांस का काम है और राम दरबार में उसका दफ्तर है। राम दरबार में झगड़ा हुआ था, जिसमें रवि नाम के युवक को चोट लगी थी। उसकी शिकायत पर सेक्टर-31 थाने में दस युवकों के खिलाफ 307 का केस दर्ज हुआ था। आरोपियों में उसके दफ्तर में काम करने वाले तीन युवक जोसफ, दीपू और अनिल भी हैं। प्रेम सिंह के मुताबिक मोहन सिंह 307 के केस की जांच कर रहा था और कई बार उसके दफ्तर में आकर धमकी दी। उसे मानसिक तौर पर प्रताड़ित करते हुए कहा कि अगर इस केस से बचना है तो नौ लाख रुपये देने होंगे। इस बारे में उसने चंडीगढ़ एसएसपी को भी शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में सीबीआई को शिकायत दी, तो मोहन सिंह को ट्रैप लगाकर पकड़ा।
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