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युवा व्यवसायी ने आपदा में ढूंढा अपने सपने को पूरा करने का अवसर, शौक को दी नई पहचान

Thu, 31 Dec 2020 01:15 PM IST
निवेदिता वर्मा नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
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मानिक बजाज। - फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़ के मानिक बजाज के लिए कोरोना रूपी आपदा अपने सपने को साकार करने का समय लेकर आई। कोरोना के दौरान सेक्टर 51 निवासी मानिक का खानदानी व्यवसाय ठप हो गया। लॉकडाउन के कारण काम बंद हुआ तो मानिक ने अपने कुकिंग के सपने का पूरा किया। 

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चंडीगढ़ में एयरपोर्ट रोड पर मानिक बजाज ने हार्डवेयर की दुकान चलाते थे। ये उनका खानदानी काम था। एयरपोर्ट रोड पर मकान व इमारतों के निर्माण कार्य में काफी तेजी थी, तो व्यवसाय ने भी जोर पकड़ लिया। अचानक से मार्च में लॉकडाउन हुआ और निर्माण कार्य बंद हो गए। ऐसे में दुकान का किराया, कर्मचारियों का वेतन निकालना भी मुश्किल हो गया। कुछ समझ में नहीं आ रहा था।

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मानिक ने होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर रखा था। साथ में उन्हें कुकिंग का भी शौक था। वे बचपन से इस क्षेत्र में जाना चाहते थे, लेकिन कोई अवसर नहीं मिल पा रहा था। कोरोना काल ने उन्हें हिम्मत दी और अपने सपने को साकार करने का मौका दिया। 

उन्होंने चचेरे भाई से बात कर सेक्टर 36 डी की मार्केट में चाट की दुकान खोली। कोरोना की वजह से लोग खाने-पीने की चीजों से पीछे हट रहे थे। इसलिए डर था कि कहीं ये काम जवाब न दे जाए। लेकिन हिम्मत नहीं हारी। ऊपर वाले विश्वास रखा। धीरे-धीरे काम चल पड़ा। 
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मानिक ने अपने काम को चलाने के लिए ऐसे व्यक्तियों का चुनाव किया, जो पहले से ऐसा काम करते थे और उनकी नौकरी चली गई हो। पहले ऐसे लोगों को ढूंढा और छह लोगों को अपने साथ रखा। मानिक ने बताया कि चाट बनाने के लिए उन्हें एक अच्छे बावर्ची की जरूरत थी। इसके लिए उन्होंने फरीदकोट से एक बावर्ची को चुना। वह शादी में खाना बनाता था। उसके पास काम नहीं था तो वह भी चंडीगढ़ आ गए। फिलहाल वह अपनी जिंदगी में खुश हैं। 

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