चंडीगढ़। सात लाख रुपये के रिश्वत मामले में ऑपरेशन सेल के पूर्व इंचार्ज इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों जांच में शामिल हो गए हैं। वीरवार को उनसे करीब चार घंटे तक पूछताछ की गई। सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई ने सेखों की आवाज के नमूने भी लिए। हालांकि अभी उन्हें मामले में नामजद नहीं किया गया है। उधर, शिकायतकर्ता दीपक की कांस्टेबल पवन, बिचौलिए मनीष दुबे उर्फ बबलू और कबाड़ी अनिल कुमार उर्फ कोकी के साथ हुई बातचीत सामने आई है। फरार कांस्टेबल पवन का अभी कोई सुराग नहीं लगा है। शाम करीब चार बजे सेखों सीबीआई के सेक्टर-30 स्थित मुख्यालय पहुंचे। यहां चार घंटे तक सीबीआई ने उनसे रिश्वत कांड मामले में पूछताछ की। शुक्रवार को भी जांच एजेंसी ने उन्हें पूछताछ में लिए बुलाया है। पूछताछ में सेखों की भूमिका पाए जाने पर उन्हें नामजद किया जा सकता है।
सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के मुताबिक, शिकायतकर्ता दीपक उर्फ दीपू के बयान दर्ज करने के बाद सीबीआई ने उसे बिचौलिए बबलू के पास भेजा। दीपक और बबलू की बातचीत रिकॉर्ड करने के लिए एक वॉइस रिकॉर्डर भी दिया गया था। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 स्थित अपने दफ्तर में बबूल नहीं मिला। वहां रवि नामक व्यक्ति दीपक से मिला, जो कांस्टेबल पवन का खास है। पूछने पर दीपक ने रवि को सारी बात बताई। रवि ने मदद करने की बात कहते हुए कॉन्स्टेबल पवन को फोन कर मामला सुलझाने को कहा। पवन और दीपक के बीच फोन पर बात हुई।
रवि ने पवन को बताया कि दीपक ने तीन लाख का इंतजाम कर लिया है। एक लाख रुपये वह 5 तारीख के बाद देने की बात कह रहा है। इस पर पवन दीपक को गालियां देने लगा और कहा कि पहले जिन्हें साथ लाया था (बबलू और कोकी) उनकी क्या इज्जत रखी? पवन ने फिर गालियां देते हुए कहा कि चाहे अदालत चला, मैं छोड़ूंगा नहीं। इसके कुछ देर बाद दीपक को व्हाट्सएप पर बबलू की कॉल आई और उसने कहा कि वह काफी व्यस्त था, जिस कारण दफ्तर नहीं पहुंच पाया। उसने दीपक को मक्खन माजरा बुलाया। यह सारी बातें वाइस रिकॉर्ड में रिकॉर्ड हो गईं।
कोकी ने दीपक को 30 जुलाई को बुलाया था ताकि वह सेखों और पवन से मीटिंग फिक्स कर सके। 30 की शाम चार बजे दीपक बबलू और कोकी के साथ पवन के चंडीगढ़ सेक्टर-20 स्थित घर गया लेकिन पवन ने मिलने से इंकार कर दिया। इसके बाद बबलू और कोकी ने दीपक से कहा कि रिश्वत की रकम वह उन्हें पकड़ा दे क्योंकि पवन सीधे रिश्वत नहीं लेगा। उसके बाद बबलू ने दीपक को समझाया और कहा कि पैसे देकर बात खत्म करो। यह उनकी जिम्मेदारी है कि उसे अब कोई तंग नहीं करेगा। यह सारी बातचीत कार में हुई थी। सीबीआई का कहना है कि मामले में बबलू और कोकी की शिकायतकर्ता दीपक, रवि और पवन के साथ हुई बातचीत से स्पष्ट है कि कोकी और बबलू दोनों कांस्टेबल पवन और इंस्पेक्टर हरिंदर सेखों की तरफ से रिश्वत की मांग कर रहे थे। मामले में सेखों की शिकायतकर्ता से सीधी बातचीत नहीं है। ऐसे में सेखों की भूमिका मामले की जांच के दौरान स्पष्ट की जाएगी।