फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेअदबी मामला: सरकार ने मांगा छह माह का समय, इंसाफ मोर्चा ने देने से किया मना, 31 जुलाई को बुलाई बैठक

Sun, 24 Jul 2022 07:38 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट (पंजाब)

सार

बहिबल कलां में पिछले साल 16 दिसंबर से मोर्चा चल रहा है। आप सरकार बनने के कुछ समय बाद नेशनल हाईवे को इंसाफ मोर्चा ने जाम किया था। इसके बाद सरकार ने मोर्चे से तीन माह का समय मांगा था। तीन माह की समय अवधि समाप्त होने पर 15 दिन का समय और लिया। बीते शनिवार को यह समय भी बीत गया। अब मोर्चा ने समय देने से मना कर दिया।
विज्ञापन
इंसाफ मोर्चा में गोलीकांड पीड़ित परिवारों और नेताओं से बात करते कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस व अन्य। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

साल 2015 के बरगाड़ी बेअदबी मामले और उससे संबंधित बहिबल कलां व कोटकपूरा गोलीकांड की घटनाओं में कार्रवाई के लिए सात माह से इंसाफ मोर्चा चल रहा है। बहिबल कलां में चल रहे मोर्चे ने राज्य सरकार को छह माह का समय देने से इंकार कर दिया है। इसके साथ ही आंदोलन शुरू करने के लिए 31 जुलाई को पंथक संगठनों की बैठक बुला ली है। 

विज्ञापन


रविवार को राज्य के कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस की अगुवाई में पहुंची राज्य सरकार की टीम ने गोलीकांड पीड़ित परिवारों व पंथक संगठनों के नेताओं से बातचीत कर छह माह का समय मांगा था। बहिबल कलां में पिछले साल 16 दिसंबर से मोर्चा चल रहा है। आप सरकार बनने के कुछ समय बाद नेशनल हाईवे जाम किए जाने पर सरकार ने मोर्चे से तीन माह का समय मांगा था। 

तीन माह की समय अवधि समाप्त होने पर 15 दिन और लिया। बीते शनिवार को यह समय भी बीत गया। रविवार को मोर्चे के नेताओं के साथ बातचीत के लिए कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस, पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां समेत फरीदकोट से आप विधायक गुरदित्त सिंह सेखों व जैतो से विधायक अमोलक सिंह के अलावा एजी दफ्तर के वकीलों की टीम पहुंची। 
विज्ञापन


कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस ने कहा कि बेअदबी व गोलीकांड के आरोपियों पर सरकार सख्त कार्रवाई करना चाहती है लेकिन उन्हें कम से कम छह माह का समय और चाहिए लेकिन संगठनों ने समय देने से इंकार किया। विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि संगत की इच्छा ही सरकार की मंशा है लेकिन सात साल के दौरान इन मामलों को कानूनी तौर पर काफी उलझाया जा चुका है। इन्हें ठीक करने के लिए सरकार को छह माह का समय दिया जाना चाहिए। 

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें