रजिस्ट्रियों में भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर मंगलवार को चर्चा के दौरान सदन में डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला और इनेलो विधायक अभय चौटाला भिड़ गए। अभय ने आरोप लगाया कि सरकार के संरक्षण में भ्रष्टाचार चल रहा है और तहसीलों में रजिस्ट्री के बदले 5 से 8 प्रतिशत तक कमीशन लिया जा रहा है। कई स्थानों पर तो गजों के हिसाब से पैसे लिए जाते हैं। इस पर उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने पलटवार करते हुए कहा कि विधायक सदन को भ्रष्टाचार के सुबूत दें। दोषियों को न तो पहले बख्शा है और न ही भविष्य में छोड़ा जाएगा।
इससे पहले अभय चौटाला ने तहसीलदारों के नाम लेकर सदन को बताया कि एक-एक तहसीलदार के पास 4-4 तहसीलों के चार्ज हैं। हर जिले में एक-एक तहसीलदार को बैठा रखा है और वह पैसे एकत्र करता है। इसकी जांच होनी चाहिए कि पैसे किसके पास जाते हैं। गुरुग्राम, बहादुरगढ़, अंबाला, शाहाबाद, लाडवा, झज्जर, गोहाना, गन्नौर समेत अन्य तहसीलों के तहसीलदारों पर दो से तीन तीन चार्ज हैं।
इनेलो विधायक ने सवाल किया कि क्यों इन चेहतों को इतने चार्ज दिए गए हैं। वहीं 2017 से 21 की एसीएस की जांच पर सरकार ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की, जिसमें 150 तहसीलदार, नायब तहसीलदारों के नाम थे। चौटाला ने मांग की कि वर्ष 2000 के समय से रजिस्ट्रियों की जांच कराई जाए।
पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई, 767 अधिकारियों-कर्मचारियों को जारी किए हैं नोटिस : दुष्यंत
जवाब में दुष्यंत ने कहा कि जमीनों की रजिस्ट्री के मामले में पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई की जा रही है। नियमों के खिलाफ रजिस्ट्री करने वाले 767 अधिकारियों व कर्मचारियों को 15 दिन के नोटिस जारी किए हैं। इनके जवाब आने के बाद नियम-7 के तहत कार्रवाई की जाएगी। दुष्यंत ने अभय के आरोपों पर कहा कि भ्रष्टाचार के जो आरोप विधायक ने लगाए हैं, वो इसके सबूत सदन को दें। इनकी जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
दुष्यंत ने कहा कि जून 2020 में 7ए एक्ट की अवहेलना करने के कारण जिला गुरुग्राम के 3 सब-रजिस्ट्रार और 5 संयुक्त सब-रजिस्ट्रारों के विरुद्ध नियम-7 के तहत आरोप पत्र जारी किए गए हैं। एक सब-रजिस्ट्रार और 5 संयुक्त सब-रजिस्ट्रारों के विरूद्ध आईपीसी की धारा 420 और उपरोक्त एक्ट के सेक्शन 10 के तहत एफआईआर दर्ज करवाई गई हैं। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि वे एनसीआर के जिलों में तैनात नहीं होंगे।
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि 3 अप्रैल 2017 से 13 अगस्त 2021 तक कुल 64,577 रजिस्ट्रियों मेें गड़बड़ी मिली है। इनमें गुरुग्राम मंडल 21716, करनाल मंडल 9774, अंबाला मंडल 2864, हिसार मंडल 1016, रोहतक मंडल 10,849 और फरीदाबाद मंडल की 18,358 में उल्लंघना पाई गई है। इनमें से 8,182 दस्तावेज करनाल से और 14,873 दस्तावेज गुरुग्राम जिले से हैं। सरकार ने कुल 767 को 15 दिन के नोटिस जारी किए हैं। इनमें 133 सब-रजिस्ट्रार, 97 संयुक्त सब-रजिस्ट्रारों शामिल हैं। सभी उपायुक्तों को 156 पंजीकरण लिपिकों और 381 पटवारियों के खिलाफ मामले में स्पष्टीकरण प्राप्त करने के बाद अनुशासनात्मक कार्यवाही करने का निर्देश दिया है।
विपक्ष ने भी सरकार पर बोला हमला
इस दौरान किरण चौधरी ने भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि तहसीलों में सरेआम लूट मची हुई है, लेकिन सरकार जांच के नाम पर लोगों को गुमराह कर रही है। इसी प्रकार, नीरज शर्मा ने भी आरोप लगाया कि एनसीआर में चहेते अधिकारियों को लगाया गया है।
अधिकारी आते हैं और फरीदाबाद को लूटकर चले जाते हैं। रजिस्ट्री के नाम पर बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा चल रहा है। वहीं, महम से विधायक बलराज कुंडू ने कहा कि तहसीलों में लोगों को लूटा जा रहा है। एनओसी जारी करने के नाम पर करनाल में जिस तरह से तहसीलदार गिरफ्तार हुआ है, ऐसी जांच पूरे प्रदेश में होनी चाहिए। सरकार जांच की बात करती है, जबकि मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। आज तक अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।