हिजाब मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि ये फैसला अलगाववादी ताकतों के गाल पर करारा तमाचा है। चुनाव आते हैं तो अलगाववाद की राजनीति करने वाले कोई न कोई मुद्दा उठाकर देश के सामाजिक समरसता के ताने-बाने को खराब करने की कोशिश करते हैं।
सेक्टर-33 स्थित भाजपा कार्यालय में मंगलवार को एक प्रेसवार्ता में कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि पांच राज्यों में हुए चुनावों के नतीजों ने स्पष्ट कर दिया है कि हमारी सरकार ने विकास किया है, जिसके बलबूते पर दोबारा से भाजपा सत्ता में आई है। ऑपरेशन गंगा पर उन्होंने कहा कि दो दिन में यूक्रेन से लगभग 20 हजार भारतीयों को लाया गया।
छात्रों की सुरक्षित घर वापसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति और रूस के राष्ट्रपति से लगातार बात कर बच्चों की वतन वापसी का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने कहा कि भारत ने अपने छात्रों के साथ-साथ बांग्लादेश, पाकिस्तान, तुर्की और नेपाल के छात्रों व नागरिकों को भी यूक्रेन से निकाला है। प्रेसवार्ता में प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद, प्रदेश प्रवक्ता कैलाशचंद जैन, युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष अरुणदीप सिंह भी उपस्थित रहे।
‘पंजाब में हमने जमीन बचाई’
पंजाब विस चुनाव में भाजपा के प्रदर्शन पर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि पंजाब में स्थिति विपरीत थी फिर भी भाजपा के कार्यकर्ता खड़े रहे। लोगों ने सभा नहीं करने दी लेकिन कार्यकर्ता झुके नहीं। विपरीत परिस्थिति में जमीन को बचाकर रखना बहुत मुश्किल हो जाता है लेकिन भाजपा ने जमीन ही नहीं बचाई बल्कि वोट प्रतिशत भी बढ़ाया है। सीमावर्ती राज्य होने के नाते अलगाववादी राजनीति से सतर्क रखने का कार्य भाजपा का कार्यकर्ता जान की बाजी लगाकर करेंगे।
किरण खेर के सवाल पर बोले- सांसद, विधायक, मंत्री के बल पर नहीं चलता संगठन
सांसद किरण खेर के शहर में नहीं होने के सवाल पर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है, इसलिए लोगों को समझना चाहिए। हालांकि जब कहा गया कि किरण खेर इंडिया गॉट टैलेंट टीवी शो कर रही हैं तो उन्होंने गोलमोल जवाब देते हुए कहा कि भाजपा एक अलग तरह की पार्टी है। ये कार्यकर्ता आधारित पार्टी है। पार्टी के नेता कार्यकर्ताओं के बल पर जनता के बीच जाते हैं। सांसद, विधायक, मंत्री और सरकार के बल पर संगठन नहीं चलता। हम सत्ता के आधार पर संगठन नहीं चलाते, संगठन के आधार पर सत्ता खड़ी करते हैं।