हरियाणा में पिछले कई दिनों से चौटाला परिवार और हुड्डा परिवार एक दूसरे की तारीफ करते नहीं थम रहा है। जबकि क्षेत्रीय दल होने के नाते इनेलो की यह विचारधारा है कि कांग्रेस का विरोध ही इनेलो का आधार है। ऐसे में कांग्रेसी परिवारों की तारीफ के पुल बांधने के पीछे की क्या रणनीति है। विधानसभा से पहले इसका भी खुलासा हो जाएगा।
संगठन की कमी को हार का कारण नहीं मानता
हुड्डा ने कहा कि हरियाणा में संगठन की कमी को वे हार का कारण नहीं मानते हैं। हालांकि संगठन के न होने का थोड़ा बहुत असर अवश्य पड़ा है। उन्होंने भाजपा के पन्ना सम्मेलन को भी बहुत ज्यादा प्रभावी नहीं बताया। साथ ही यह दावा किया कि विधानसभा तक अपना दम दिखा देंगे।
बादल परिवार से नजदीकी
इनेलो की बादल परिवार से नजदीकी का सवाल पूछने पर हुड्डा कहते हैं कि बादल परिवार से उनकी भी नजदीकी है, लेकिन अकाली दल पंजाब में भाजपा के साथ है, इस बात का जवाब किसी केपास नहीं है।
यूपी में गुल नहीं खिला सका गठबंधन
उत्तर प्रदेश में बुआ और बबुआ की भाजपा को हराने की कवायद सिरे नहीं चढ़ सकी। मायावती और अखिलेश का गठबंधन भी चुनाव पूरा होते ही अलग हो गया। ऐसे में हरियाणा में यदि महागठबंधन की बात चलती है तो किस आधार पर यह बातचीत आगे बढ़ेगी, यह देखना रोचक होगा, क्योंकि सभी दल इस समय एक दूसरे के धुर विरोधी हैं।