चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर कुछ विभागों ने अपने शोधार्थियों का डाटा अपडेट नहीं किया है। ऐसे में शोध करने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों को पता नहीं चल पा रहा कि विभागों में कितनी सीटें खाली हैं। साथ ही शिक्षक भी अधूरे डाटा के कारण खुद को अपडेट नहीं कर पा रहे हैं।
छात्रों ने कहा कि विज्ञान संकाय पीयू का महत्वपूर्ण संकाय है। इसके विभागों की साख भी अच्छी है। इन विभागों से छात्र पीएचडी करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें पता नहीं चल पा रहा कि किस विभाग में कितनी सीटें खाली हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि वेबसाइट के आंकड़े देखकर वह विभाग के पास शोध करवाने के लिए पहुंचे तो सीटें फुल बताई गई हैं जबकि वेबसाइट कुछ और कह रही है। इन छात्रों ने पीयू को पत्र लिखकर कहा है कि वह गलत आंकड़ों के चलते परेशान हो रहे हैं। वेबसाइट को अपडेट करवाया जाए। पिछले साल किस विभाग में कितने शोधार्थी दाखिल हुए, यह भी बताया जाए।
वहीं कुछ शिक्षकों का कहना है कि विदेशी एजेंसियां जो रैंक जारी करती हैं, वह वेबसाइट आदि को देखकर डाटा लेती हैं। शोधार्थियों की संख्या वेबसाइट पर अधूरी है। ऐसे में कम आउटपुट होने से रैंकिंग पर असर पड़ सकता है। शिक्षकों ने भी सुझाया है कि इसका नैक रैंकिंग पर भी असर पड़ सकता है, इसलिए जल्द से जल्द वेबसाइट के आंकड़े सही करवाए जाएं।