केजी और नर्सरी कक्षाओं में एडमिशन के लिए निजी स्कूलों पर यूटी प्रशासन के एजूकेशन डिपार्टमेंट की पैनी नजर है। प्रवेश के लिए ड्रॉ करने वाले स्कूलों को रजिस्ट्रेशन कराने वाले छात्रों के पैरेंट्स को मोबाइल से जानकारी मुहैया करानी होगी, ताकि अभिभावक को पूरी जानकारी मिल सके कि उनके बच्चे का नाम ड्रॉ में शामिल किया जा रहा है या नहीं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि बीते वर्ष कुछ पैरेंट्स ने ड्रॉ में पारदर्शिता नहीं होने की शिकायत शिक्षा विभाग से की थी। इसको देखते हुए प्रशासन इस बार पूरी तरह से निजी स्कूलों में एडमिशन को लेकर सतर्क है।
निजी स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए एजूकेशन डिपार्टमेंट ने पहली बार नई पहल की है। एडमिशन में सवाल नहीं खड़े हो, इसके लिए ड्रॉ सहित सभी प्रवेश प्रक्रियाओं में रजिस्ट्रेशन कराने वाले वाले छात्रों को पहले ही सूचना देने की बात कही गई है। इससे ड्रॉ के दौरान छात्रों के पैरेंट्स भी स्कूलों में मौजूद रहेंगे। पैरेंट्स यह देख सकेंगे कि किस कैटेगरी में उनके बच्चों को कितने प्वांट्स मिले हैं। इससे जहां प्रवेश प्रक्रिया बेहतर होगी, वहीं पैरेंट्स की शिकायतें भी दूर हो जाएंगी।