- इंजीनियरिंग व दंत चिकित्सा विभागों में कम आयु के शिक्षकों की भर्ती हुई है। ऐसे में वह पीएचडी नहीं किए। उन्हें भी रिसर्च ट्रेनिंग देने की आवश्यकता है।
- पीयू से सेवानिवृत्त शिक्षकों को फैकल्टी सूची में शामिल किया जाए। उनके अनुभव रैंकिंग में मायने रखते हैं। सेवानिवृत्त शिक्षक माह में एक लेक्चर लें। इससे विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ता है। उन शिक्षकों के अनुभवों का लाभ मिलता है।
- विभागों में काम कर रहे प्रोग्रामर व अन्य स्टाफ को भी विभाग अपनी सूची में शामिल करें ताकि इससे मैनपावर बढ़ेगी।
ये हैं रैंकिंग के आंकड़े
अप्रैल 2018 में जारी निरफ रैंकिंग में पीयू 50.94 अंक पाकर 20वें स्थान पर आया। वहीं जेएनयू को 67.57 फीसद अंक मिले और रैंक दूसरी रही। बीएचयू को तीसरा स्थान मिला। इसी तरह वर्ष 2017 में आईआईटी को छोड़ दें तो विश्वविद्यालय रैंकिंग में पहले स्थान पर जेएनयू रहा और ओवरऑल रैंकिंग छठे स्थान पर रही। वहीं पीयू को 54वीं रैंक हासिल हुई। वहीं डीयू 15 स्थान पर था। इसी तरह वर्ष 2016 में जेएनयू को तीसरा स्थान मिला। डीयू छठे, बीएचयू सातवें व पीयू 12वें स्थान पर रहा।
इस आधार पर तय होती है रैंकिंग
- टेक्नीकल लर्निंग एंड रिसॉसेज
- रिसर्च एंड प्रोफेशनल प्रैक्टिस
- ग्रेजुएशन आउटकम
- आउटरीच
- परसेप्शन
इस साल आई निरफ रैंकिंग का विश्लेषण किया है। जहां हम कमजोर रहे हैं उन बिंदुओं को सुधारा जाएगा। वीसी व सभी विभाग अध्यक्षों को भी सुझाव भेजे हैं। उम्मीद है कि हम आगे अच्छी रैंकिंग लेकर आएंगे। -प्रो. एम राजीव लोचन, डायरेक्टर, आईक्यूएसी