लगभग एक घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया लेकिन कुछ संदिग्ध नहीं मिला। इसके बाद सेक्टर-17 बस स्टैंड पर आधा घंटा और सेक्टर-43 बस स्टैंड पर एक घंटा चेकिंग की गई लेकिन वहां भी कुछ नहीं लगा। उसके बाद पुलिस शाम को जेल के पास पहुंची। ऑपरेशन सेल की क्यूआरटी पहले से ही बुड़ैल जेल के बाहर लगी हुई थी। इस दौरान ऑपरेशन सेल के डीएसपी जसबीर सिंह और इंस्पेक्टर अमनजोत सिंह टीम के साथ शनिवार शाम करीब आठ बजे बुड़ैल जेल के बाहर पहुंचे।
आतंकियों की बैरक को खंगाला, बम की जानकारी नहीं होने दी
जेल अधिकारी ने बताया कि टिफिन बम की सूचना के बाद जेल में बंद आतंकियों की बैरक को खंगाला गया। पुलिस ने शौचालय तक की जांच की लेकिन कुछ नहीं मिला। जेल प्रशासन ने कैदियों को अखबारों की कटिंग दी जाती है लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर आतंकियों को बम मिलने की अखबार में प्रकाशित खबर की रविवार को कटिंग नहीं दी गई।
चंडीगढ़ पुलिस की बम स्क्वॉयड टीम मॉकड्रिल तक सीमित
पुलिस की बम डिटेक्शन स्क्वॉड टीम पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। बम स्क्वॉड टीम बम को डिफ्यूज नहीं कर पाई। बड़ा सवाल है कि कोई टाइमर बम होता तो बम को समय पर कैसे डिफ्यूज किया जाता। टीम विशेष अवसरों पर मॉकड्रिल तक ही सीमित है।