चंडीगढ़। इन्फ्लूएंजा के साथ कोरोना के लक्षण लोगों को भ्रम में डाल रहे हैं। सर्दी, खांसी, बुखार और गले में खराश जैसे लक्षणों को लेकर अस्पतालों की ओपीडी में रोजाना सैकड़ों मरीज पहुंच रहे हैं। लक्षणों के आधार पर उनकी कोरोना जांच भी कराई जा रही है जिसमें इक्का-दुक्का मरीजों की रिपोर्ट में कोरोना की पुष्टि हो रही है लेकिन मरीज कोरोना के लक्षणों के कारण काफी डरे हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इनफ्लूएंजा के कारण यह स्थिति उत्पन्न हो रही है लेकिन डरने के बजाय बचाव के मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाना जरूरी है। बता दें कि शहर में जनवरी से अब तक इन्फ्लूएंजा के सात मरीज मिल चुके हैं लेकिन अब तक एक भी मरीज की स्थिति गंभीर नहीं हुई है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के सचिव डॉ. विवेक मल्होत्रा ने बताया कि इन्फ्लूएंजा को लेकर एडवाइजरी जारी की गई है। उन्होंने बताया कि इन्फ्लूएंजा से डरने की नहीं बचाव करने की जरूरत है। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा या एंटीबायोटिक का सेवन न करें।
स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग का कहना है कि यह मौसमी फ्लू है। इससे डरने की जरूरत नहीं है लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि संक्रमित होने पर बचाव के मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए ताकि अन्य लोग उसकी चपेट में न आएं। यशपाल गर्ग ने बताया की पीजीआई में इसकी जांच की सुविधा उपलब्ध है। वहीं स्वास्थ विभाग ने भी जीएमएसएच-16 में इसके मरीजों के लिए अलग आइसोलेशन वार्ड तैयार कर लिया है।
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कोरोना से अलग है इन्फ्लूएंजा
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. आरएस बेदी ने कहा कि इन्फ्लूएंजा, कोरोना से अलग है क्योंकि कोविड निचले रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट यानी श्वसन मार्ग को प्रभावित करता है जबकि ( एच3 एन2) ऊपरी रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट को प्रभावित करता है। इससे बुखार, खांसी, सर्दी, गले, नाक और आंखों में जलन लंबे समय तक रहता है। डॉ. बेदी ने बताया कि दोनों के लक्षण समान हैं और यह तेजी से फैलता है।
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बचाव के लिए ये करें
नियमित तौर पर हाथा धोएं और मास्क का प्रयोग करें। भीड़ वाली जगह पर जाने से बचें। आंख व नाक को छूने से बचें। तरल पदार्थों का ज्यादा सेवन करें। ताजा भोजन खाएं। पानी उबाल कर पिएं।
इनसेट-
ये करना हो सकता है खतरनाक
- हाथ मिलाने और गले मिलना
- काफी लोगों के साथ बैठकर एक ही स्थान पर भोजन करना
- सार्वजनिक स्थान पर थूकना
- डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक या अन्य दवाई लेना