बाजार में महंगाई बढ़ती जा रही है। पहले दालों के रेट बढ़े, अब सब्जियों की कीमतों में भारी इजाफा हो गया है। अरबी को छोड़कर और कोई सब्जी ऐसी नहीं है, जिसका रेट 20 रुपये किलो से कम हो। टमाटर का रेट 40 से बढ़कर फिर 60 रुपये किलो हो गया है। मटर का भाव 80 रुपये किलो पहुंच गया है। पेट्रोल और डीजल के दाम कम होने का असर भी सब्जियों पर नहीं पड़ा है। शहरवासियों को समझ नहीं आ रहा है कि सब्जियां खाएं या फिर दाल, क्योंकि दोनों के रेट आसमान छू रहे हैं।
सब्जी-----------कीमत (प्रति किलो)
तोरी----------------60
लौकी---------------50
शिमला मिर्च----------40
खीरा----------------30
फ्रासबीन-------------60
बैंगन----------------30
बैंगनी----------------40
फूल गोभी------------60
मटर----------------80
भिंडी----------------30
आलू----------------25
टमाटर---------------60
प्याज----------------25
नींबू-----------------100
सब्जियों के रेट लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पेट्रोल और डीजल का रेट कम होने का भी असर नहीं पड़ रहा है। टमाटर, मटर, शिमला मिर्च और फ्रासबीन की सप्लाई पहाड़ से शहर में हो रही है।
-देसराज, अध्यक्ष, स्मॉल सेलर वेजिटेंबल एसोसिएशन
पहले ऐसा होता था कि अगर सब्जी के रेट बढ़ते थे तो शहरवासियों का झुकाव दालों पर हो जाता था, लेकिन इस समय महंगाई बढ़ने से यह हाल हो गया है कि लोगों का दाल और सब्जी का रेट बढ़ने से पूरा बजट हिल गया है।
- हितेश पुरी, वाइस चेयरमैन, फॉसवेक
अच्छे दिनों का वायदा करके मोदी सरकार ने लोगों को गुमराह किया। पहले सरकार ने गरीब लोगों को मिलने वाले सरकारी राशन को बंद कर दिया। भाजपा के नेताओं ने अब महंगाई पर चुप्पी साधी हुई है। पहले यूपीए सरकार के कार्यकाल में मामूली महंगाई बढ़ने पर ही भाजपा नेता सड़कों पर आकर प्रदर्शन करते थे।
- प्रदीप छाबड़ा, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस
दालों के रेट
दाल---------------कीमत (किलो में)
दाल चना-------------120 रुपये
काला चना--------------110
सफेद चना--------------150
माह साबुत--------------140
माह छिलका-------------150
माह धुली---------------160
अरहर-----------------140
राजमा-------------------85
मूंग साबुत--------------150
मूंग धुली------------------95