चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से चार नए श्रम कानूनों (लेबर कोड) के ड्राफ्ट नियम जारी किए जाने के बाद उद्योग जगत के साथ विचार-विमर्श का दौर शुरू हो गया है। प्रशासन अंतिम अधिसूचना जारी करने से पहले उद्योगपतियों और अन्य हितधारकों से सुझाव एवं आपत्तियां आमंत्रित कर रहा है, ताकि नियमों को अधिक व्यावहारिक और उद्योग हितैषी बनाया जा सके।
उद्योग जगत से जुड़े उद्योगपति नवीन मंगलानी, कारोबारी चरणजीव सिंह और उद्योगपति अवि भसीन ने नए श्रम कानूनों के विभिन्न प्रावधानों पर अपने सुझाव प्रशासन के समक्ष रखे। उनका कहना है कि नए नियम श्रमिकों के हितों की रक्षा के साथ-साथ उद्योगों के लिए भी सरल और व्यवहारिक होने चाहिए। कानूनों के क्रियान्वयन में अनावश्यक जटिलताएं नहीं होनी चाहिए ताकि कारोबार प्रभावित न हो।
औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बताया कि ड्राफ्ट नियमों के कुछ प्रावधानों में अभी भी स्पष्टता की आवश्यकता है। विशेष रूप से कॉम्प्लायंस, रजिस्ट्रेशन, रिकॉर्ड संधारण, निरीक्षण व्यवस्था और श्रमिकों से जुड़े प्रशासनिक प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि नियम ऐसे बनाए जाएं, जिससे उद्योगों पर अतिरिक्त प्रशासनिक और वित्तीय बोझ न पड़े। साथ ही उद्योगों को नए नियमों के पालन के लिए पर्याप्त समय और स्पष्ट दिशा-निर्देश भी उपलब्ध कराए जाएं।
प्रशासन के अधिकारियों ने उद्योग प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि प्राप्त सभी सुझावों और आपत्तियों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। आवश्यक संशोधनों के बाद ही अंतिम अधिसूचना जारी होगी। चंडीगढ़ प्रशासन ने हाल ही में चारों नए लेबर कोड के ड्राफ्ट नियम जारी कर उद्योग संगठनों, व्यापारिक संस्थाओं, श्रमिक संगठनों और आम नागरिकों से निर्धारित अवधि के भीतर सुझाव व आपत्तियां मांगी हैं।