चंडीगढ़। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की खबर आते ही देश के साथ-साथ ट्राईसिटी की जनता को भी बड़ी राहत मिली है। संकट की आशंका से ग्रस्त इंडस्ट्री को ऑक्सीजन मिली गई है। गृहणियों को भी रसोईं का बजट कंट्रोल होने की भी आशा जगी है।
चंडीगढ़ की इंडस्ट्री का मानना है कि युद्धविराम होेने से पेट्रोल-डीजल के दाम घटेंगे और रसोई गैस की आपूर्ति भी बहाल हो सकेगी। युद्ध की वजह से ऊपर जा रही महंगाई का ग्राफ भी नियंत्रण में आएगा। इस संबंध में हमने शहर के उद्यमियों के विचार जाने।
युद्धविराम के बाद अभी स्थिति सामान्य होने में समय लगेगा। स्थिति सुधरेगी पर धीरे-धीरे। कच्चे तेल की आपूर्ति सामान्य होने और इसके दाम कम होने का इंतजार है। फिलहाल कुछ दाम गिरा भी है। स्थिति जबतक सामान्य नहीं होगी तब तक उद्योग जगत को कच्चा माल ठीक दाम पर नहीं मिलता। -नवीन मंगलानी, वाइस प्रेसीडेंट,चैंबर ऑफ चंडीगढ़ इंडस्ट्री
युद्ध की वजह से उद्योग प्रभावित हो चुके हैं। लोहे की कीमतें अब काफी तेज हो चुकी हैैं, ऐसी स्थिति में काफी ज्यादा महंगाई बढ़ गई है। जब तक युद्ध पूरी तरह नहींं रुकता, तब तक स्थिति में ज्यादा उद्योगों की सुधार आने की संभावना नहीं है। यदि क्रूड आयल की सप्लाई सुचारू और किफायती होती है तो स्थितियां संभल जाएंगी।-अवि भसीन, अध्यक्ष लघु उद्योग भारती
युद्ध से उद्योग काफी प्रभावित हैं। एकदम से बदलाव नहीं आएगा। कीमतें धीरे धीरे ही सामान्य होंगी। दामों में तेजी तो जल्दी आ जाती है लेकिन सस्ता होने में समय लगता है। मुझको लगता है कि अभी थोड़ा इंतजार करना होगा। -संजीव चड्ढा, प्रेसीडेंट चंडीगढ़ व्यापार मंडल
युद्ध का असर सभी पर पड़ा है। रसोईं गैस से लेकर उद्योग जगत तक इससे प्रभावित हुआ है। युद्धविराम के बाद दामों में राहत मिलने में थोड़ा वक्त लगेगा। दोनों देशों के बीच आगे क्या स्थिति बनती है यह भी देखना होगा। रसोईं गैस की समस्या में भी राहत मिलेगी। -सुधीर गर्ग, उद्यमी