उन्होंने कहा कि सरकार का कारोबारियों पर फोकस नहीं है। एक करोड़ घरों में सोलर पैनल लगाने का फैसला, अधिक मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और पर्यटन को बढ़ावा देना अच्छा है। मगर कारोबारियों के लिहाज से बजट सकारात्मक नहीं रहा है।
सीआईसीयू के महासचिव हनी सेठी ने कहा कि बजट में कुछ नहीं है। यह बजट न पॉजिटिव है और न ही निगेटिव है। उद्योग क्षेत्र के लिए यह बजट निराशा वाला है। सरकार को एमएसएमई के लिए कुछ करना चाहिए था लेकिन जो उम्मीदें इंडस्ट्री ने लगा रखी थी उस पर फोकस नहीं किया गया। हनी सेठी ने बताया कि इंडस्ट्री की कोई खास मांग नहीं थी। उम्मीद थी कि सरकार बजट में कुछ देगी लेकिन कुछ नहीं किया।
इंडस्ट्री के लिए कुछ नहीं, लेकिन कई जगहों पर अच्छा काम
कारोबारी रजनीश आहूजा ने बताया कि सरकार ने पंजाब की इंडस्ट्री के लिए कुछ नहीं किया। मगर कई सेक्टर में काफी अच्छा काम किया है। पर्यटन पर सरकार काफी खर्च कर रही है। इस बजट में सरकार ने न हमसे कुछ लिया और न हमें दिया है। पिछले समय स्किल इंडिया में काफी बढ़ोतरी हुई है। 1.4 करोड़ युवाओं को कौशल प्रदान किया गया है। मुद्रा लोन के माध्यम से 27 लाख करोड़ रुपये का ऋण दिया गया। इससे इंडस्ट्री प्रफुल्लित हुई है।
ज्यादा की उम्मीद नहीं थी
सीआईसीयू के संयुक्त सचिव एसपी सिंह ने कहा कि एमएसएमई इंडस्ट्री को इस बजट में कुछ नहीं मिला है। अंतरिम बजट होने के कारण कोई राहत नहीं दी गई। कारोबारियों को भी इस बजट से ज्यादा आशा नहीं थी। सरकार ग्रीन एनर्जी पर जोर दे रही है। कई योजनाओं की घोषणा की है। यह सराहनीय है।