मिलिए उस भारतीय से, जिसने उस इग्लिंश चैनल को पार करने में कामयाबी हासिल की है, जो कई तरह के जोखिमों से भरा होता है और जान तक ले सकता है। ये हैं चंडीगढ़ के तैराक भास्कर रेड्डी, जिन्होंने स्वीमिंग कोच से तैराकी की कड़ी ट्रेनिंग लेने के बाद इंग्लिश चैनल को पार करने में कामयाबी पाई है।
इस तैराक ने समुद्र में इंग्लैंड से फ्रांस के बीच इंग्लिश चैनल को पार करने के लिए 34 किलोमीटर का सफर तय किया। सावधानी बरतते हुए भास्कर ने इस दूरी को 14 घंटे और 3 मिनट में पूरा किया। इंग्लिश चैनल को पार करने की चाहत के साथ हर साल दुनिया भर के तैराक इंग्लैंड पहुंचते हैं। लेकिन इस चैनल को पार करने में अधिकतर तैराक असफल रहते हैं, क्योंकि सफर बेहद मुश्किल और जोखिमों से भरा होता है। जिस वजह से कई तैराक बीच में ही लौट जाते है।
लेकिर भास्कर रेड्डी को ट्रेनिंग का फल मिला और उन्होंने अपने हौंसले व जुनून से इंग्लिश चैनल को पार करने में कामयाबी हासिल की। भास्कर रेड्डी ने अपनी सफलता का श्रेय कोच गुरचरणजीत सिंह को दिया। गुरचरणजीत सिंह पंजाब यूनिवर्सिटी के स्वीमिंग पूल के मुख्य कोच हैं। भास्कर ने कहा कि मेरी जीत के पीछे मेरे कोच की कड़ी मेहनत है।
उन्होंने मुझे तैराकी सिखाई और हमेशा एक गाइड की तरह मुझे हर कदम पर बताते रहे। स्कूल समय में एक सामान्य तैराक था और हाई स्कूल के समय 1500 मीटर फ्री स्टाइटल इवेंट में हिस्सा लेता था। इंग्लिश चैनल को पार करने के बाद कोच गुरचरणजीत सिंह ने खुशी जताते हुए कहा कि मुझे बेहद खुशी है कि मेरे सिखाए तैराक ने इतना बड़ा मुकाम हासिल किया। आज मेरी दी हुई ट्रेनिंग सफल हुई।