वंदे भारत ट्रेन नई दिल्ली से चलेगी और पंजाब व हरियाणा होते हुए कटरा तक दौड़ेगी। ऐसे में भक्तों के लिए वैष्णो देवी के दर्शन करना सुविधाजनक हो जाएगा। यह जानकारी रेल राज्यमंत्री सुरेश सी. अंगड़ी ने दी। वे अंबाला में तीन दिवसीय राष्ट्रीय रेल मेला का शुभारंभ करने के लिए पहुंचे।
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उन्होंने बताया कि देश में निर्मित पहली हाई स्पीड बिना इंजन की ट्रेन वंदे भारत दिल्ली से सुबह 6 बजे रवाना होगी और दोपहर 2 बजे कटरा पहुंच जाएगी। ट्रेन का ठहराव अंबाला, लुधियाना और जम्मू रेलवे स्टेशन पर दो-दो मिनट के लिए होगा। इसकी खासियत है कि ट्रेन मात्र आठ घंटे में दिल्ली से कटरा की दूरी तय करेगी। इससे पहले अन्य सुपरफास्ट ट्रेनों से सफर पूरा करने में 12 से 13 घंटे लगा करते थे।
रेल यात्री इस ट्रेन का काफी समय से इंतजार कर रहे थे, जो अब पूरा होने जा रहा है। इसका ट्रायल पूरा होते ही ट्रेन दौड़ने के लिए तैयार हो जाएगी। करनाल के लोगों को इस ट्रेन से माता वैष्णो देवी के दर्शन करने के लिए जाने के लिए अंबाला से बैठना होगा। यह ट्रेन सुबह पौने सात करनाल रेलवे स्टेशन से निकल जाएगी।
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दिल्ली से कटरा का ये रहेगा ट्रेन का शेड्यूल
रेलवे बोर्ड द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, वंदे भारत एक्सप्रेस दिल्ली रेलवे स्टेशन से सुबह 6 बजे रवाना होगी और 8.10 बजे अंबाला रेलवे स्टेशन पहुंचेंगी। यहां 2 मिनट रुकने के बाद लुधियाना में ये ट्रेन 9.19 बजे पहुंचेंगी। दोपहर 12.38 बजे जम्मू रेलवे स्टेशन पर पहुंच जाएगी। उसके बाद दोपहर 2 बजे कटरा रेलवे स्टेशन पहुंचेगी।
ट्रेन इसी दिन दोपहर तीन बजे कटरा से दिल्ली के लिए रवाना होगी। शाम 4.13 बजे जम्मू रेलवे स्टेशन पहुंचेगी और दो मिनट रुकने के बाद शाम 7.32 बजे ट्रेन लुधियाना रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। लुधियाना से अगले दिन यानी कि मंगलवार सुबह 11 बजे चलेगी और दोपहर 2.26 बजे दिल्ली पहुंचेगी।
हरियाणा देश का ऐसा पहला राज्य, जहां बनाई जा रही है एलीवेटिड रेल लाइन
अंबाला छावनी स्थित एसडी कॉलेज में रविवार से तीन दिवसीय 64वां राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह एवं रेल मेला 2019 शुरू किया गया। रेलवे की ओर से आयोजित समारोह में प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। वहीं समारोह की अध्यक्षता रेल राज्यमंत्री सुरेश सी. अंगड़ी ने की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा देश का पहला राज्य है, जहां देश की पहली छह किलोमीटर लंबी एलीवेटिड रेल लाइन रोहतक में बनाई जा रही है। इसका निर्माण कार्य जनवरी 2020 तक पूरा हो जाएगा। इसके साथ ही कुंडली-मानेसर-पलवल सड़क मार्ग के साथ-साथ पलवल से कुडंली तक 1500 करोड़ रुपये की लागत से लगभग 135 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाई जाएगी।
इसकी ड्राइंग तैयार हो चुकी है। इस मौके पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल व रेल राज्यमंत्री सुरेश सी. अंगड़ी ने रेलवे में बेहतरीन कार्य करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि व अन्य अतिथियों द्वारा कालका-शिमला हैरिटेज माउंटेन रेल नामक पुस्तक का विमोचन भी किया गया। मुख्यमंत्री तथा अन्य अतिथियों ने रेलवे की ओर से लगाई प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
हरियाणा सरकार और रेलवे ने बनाया ज्वाइंट वेंचर
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर और नई रेल लाइन बिछाने के लिए हरियाणा सरकार और रेलवे का एक ज्वाइंट वेंचर हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटिड बनाया गया है, जिसमें हरियाणा की 51 प्रतिशत और रेलवे की 49 प्रतिशत की भागीदारी है। यहां हरियाणा में एलीवेटिड रेलवे लाइन बनाई जा रही है। वहीं पिछले पांच सालों में 81 किलोमीटर नई रेलवे लाइन बिछाने का काम किया है।
लगभग 100 किलोमीटर रेलवे लाइन को डबल करने और विद्युतीकरण करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने राज्य में बड़ी में रेल कोच फैक्टरी का उद्घाटन किया है। हरियाणा में पिछली सरकार में 37 अंडर व ओवर ब्रिज बने जबकि 2014 से 2019 में अब तक 125 से ज्यादा अंडर व ओवर ब्रिज बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब एलीवेटिड रेल लाइन के लिए अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल व जींद से भी डिमांड आई है।
दुनिया में नंबर-1 पर आने का है लक्ष्य
रेल राज्यमंत्री सुरेश अंगड़ी ने कहा कि प्रधानमंत्री के सबका साथ सबका विकास एवं सबका विश्वास के साथ रेलवे को पहले स्थान पर लाने के लिए पुरजोर तरीके से कार्य किये जा रहे हैं। अभी भारतीय रेलवे विश्व में चौथे स्थान पर है। आने वाले समय में हम नंबर एक पर होंगे। इस कार्य के लिए रेलवे के लगभग 13 लाख अधिकारी व कर्मचारी दिन-रात कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भूतपूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने देश को सड़क मार्ग से जोड़ने का काम किया था और यही काम रेलवे कर रहा है। रेलवे नेटवर्क लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आम बजट में रेलवे के लिए जहां विशेष प्रावधान किया है, वहीं ऐसी नीति बनाई जा रही है जिससे अगले 10 सालों में 50 लाख करोड़ रुपये का निवेश रेलवे में हो सके।
रेल राज्यमंत्री सुरेश अंगड़ी ने कहा कि रेलवे मंत्रालय के मुख्य उद्देश्य रेलवे सेफ्टी, समय पर ट्रेनों का आवागमन, महिलाओं के कोचों की वृद्धि, वाईफाई के साथ-साथ रेलवे में और विस्तार करना है। रेलवे में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। रेलवे नेटवर्क में वृद्धि होने से रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस प्रकार विश्व को योग के माध्यम से जोड़ने का काम किया है उसी प्रकार रेलवे देशवासियों को रेल नेटवर्क से जोड़ने का काम कर रही है। इस मौके पर केंद्रीय जल शक्ति एवं सामाजिक न्याय एवं सशक्तीकरण राज्यमंत्री रतनलाल कटारिया, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल विज, कुरुक्षेत्र के सांसद नायब सिंह सैनी व अन्य मौजूद रहे।