फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कनाडा के चुनाव ने बढ़ाई पंजाबियों के दिलों की धड़कन, ट्रूडो हैं पहली पसंद, पर कंजरवेटिव जीते तो...

Sat, 05 Oct 2019 10:24 AM IST
खुशबू गोयल कंवरपाल, अमर उजाला, हलवारा(लुधियाना)
विज्ञापन
जस्टिन ट्रूडो
विज्ञापन
कनाडा में 21 अक्तूबर को होने वाले आम चुनाव पर पंजाब के लोगों की सीधी नजर है। एक बार फिर लिबरल पार्टी से जस्टिन ट्रूडो प्रधानमंत्री पद की दौड़ में है। 2015 में जस्टिन ट्रूडो के प्रधानमंत्री बनने के बाद पहले साल 80 हजार छात्रों को स्टूडेंट वीजा दिया गया था। जो बढ़ते बढ़ते 2019 तक प्रति वर्ष डेढ़ लाख तक पहुंच चुका है। लिबरल पार्टी को हमेशा इमीग्रेंटस के लिए नरम रवैया रखने वाला माना जाता है। इस समय पंजाब के ज्यादातर छात्र पढ़ने के लिए कनाडा का रुख कर रहे हैं।
विज्ञापन


कनाडा चुनाव में मुख्य मुकाबला लिबरल पार्टी और कंजरवेटिव पार्टी के बीच है। कंजरवेटिव पार्टी सत्ता में आने के बाद वीजा के प्रति सख्त नियम लागू करती है। 2006 से 2015 के दौरान सत्ता में रही कंजरवेटिव पार्टी ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों सहित अन्य वीजा नियमों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे। सितंबर 2015 में कंजरवेटिव पार्टी के स्टीपन हार्पर को हरा कर जस्टिन ट्रूडो प्रधानमंत्री बने थे। उनकी जीत में पंजाबियों का अहम रोल माना जाता है।
विज्ञापन

ओपिनियन पोल में ट्रूडो ने बनाई बढ़त

अगस्त के दौरान हुए ओपिनियन पोल में कंजरवेटिव पार्टी के एंड्रयू शीयर आगे चल रहे थे। वहीं सितंबर के दौरान हुए ओपिनियन पोल में जस्टिन ट्रूडो ने एक बार फिर 37 प्रतिशत के साथ बढ़त बना ली है। 10 प्रतिशत वोट शेयर के साथ न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी के जगमीत सिंह तीसरे नंबर पर चल रहे है। हालांकि ग्रीन पार्टी की एलिजाबेथ और पीपीसी मैक्सिम बर्निये भी इस दौड़ में हैं।

ट्रूडो हैं पहली पसंद
नई आबादी अकालगढ़ गांव निवासी रमेश जैन ने बताया कि उनका बेटा हाल ही में स्टूडेंट वीजा पर कनाडा गया है। कंजरवेटिव पार्टी की जीत हुई तो उन्हें अपने बेटे से मिलने के लिए वीजा लेने में भारी परेशानी आ सकती है।

वहीं अपनी बेटी को भी कनाडा भेजने की तैयारी कर रहे हैं। कंजरवेटिव पार्टी आने से स्टूडेंट वीजा मिलना मुश्किल हो सकता है। स्टार आइलेट्स मालिक अमरिंदर सिंह लक्की कहते है कि अगर जस्टिन ट्रूडो यह चुनाव हारते है, तो पंजाबियों के लिए बड़ी मुश्किल हो सकती है।

कंजरवेटिव पार्टी इमीग्रेशन नियमों को इतना सख्त करेगी कि वीजा लेना मुश्किल हो सकता है। एसआईईसी ब्रांच मैनेजर भूपिंदर सिंह कहते हैं कि अगर कंजरवेटिव पार्टी जीती तो वीजा और पीआर नियम सख्त हो जाएंगे। हालांकि स्टूडेंट वीजा पर कुछ संदेह है, क्योंकि इस समय कनाडा में शिक्षा एक बहुत बड़ा कारोबार बन चुका है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें