लड़की के जालंधर निवासी परिजनों ने बताया कि उनकी बेटी एक 19 साल के लड़के के साथ सहमति संबंध में रह रही थी। 9 मार्च, 2024 को वह बहरीन चली गई और उसके बाद उसका एक वीडियो सामने आया। इसमें उसने कहा था कि उसे यहां बेच दिया गया है। हाईकोर्ट ने इस मामले में पंजाब सरकार से जवाब मांगा था।
लव जिहाद का आरोप लगाते हुए दाखिल याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने बहरीन में मौजूद लड़की की सलामती की पुष्टि की प्रक्रिया कतर में मौजूद भारतीय दूतावास के माध्यम से तेजी से पूरी करने का केंद्र सरकार को आदेश दिया है। इसके साथ ही उसके परिजनों की वीडियो कॉल पर बातचीत सुनिश्चित करने का केंद्र व पंजाब सरकार को आदेश दिया है।
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याचिका दाखिल करते हुए लड़की के जालंधर निवासी परिजनों ने बताया कि उनकी बेटी एक 19 साल के लड़के के साथ सहमति संबंध में रह रही थी। 9 मार्च, 2024 को वह बहरीन चली गई और उसके बाद उसका एक वीडियो सामने आया। इसमें उसने कहा था कि उसे यहां बेच दिया गया है। हाईकोर्ट ने इस मामले में पंजाब सरकार से जवाब मांगा था। पंजाब सरकार ने बताया कि बाद में वीडियो डिलीट कर दिया गया था। बाद में लड़की ने कहा था कि उसके परिजन उसे बार-बार फोन करके वापस भारत बुला रहे हैं। पंजाब पुलिस ने बताया कि लड़की का साथी 10 मार्च को बहरीन चला गया था।
हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में लड़की की कुशलता अदालत की प्राथमिकता है। लड़की के वीडियो से पूरा विवाद पैदा हुआ था और ऐसे में यह जरूरी है कि याचिकाकर्ताओं की उनकी बेटी से बात करवाई जाए। इस दौरान कोर्ट को बताया गया कि लड़की का पता उपलब्ध न होने के चलते यह कार्य मुश्किल है। ऐसे में हाईकोर्ट ने अब पंजाब पुलिस को केंद्र सरकार की मदद से याचिकाकर्ताओं की उनकी बेटी से वीडियो कॉल पर बात सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। साथ ही कतर में भारतीय दूतावास के माध्यम से उसका पता लगाकर सलामती सुनिश्चित करने का भी केंद्र सरकार को आदेश दिया है।